- बांग्लादेश में दो और हिंदुओं की हत्या, मोदी सरकार मौन रायपुर (ईएमएस)। पूर्व संसदीय सचिव एवं रायपुर लोकसभा के छाया सांसद विकास उपाध्याय ने कहा है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। बीते दो दिनों में दो अलग-अलग जिलों में दो हिंदुओं की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दो महीनों में अब तक नौ हिंदुओं की हत्या हो चुकी है, इसके बावजूद भारत सरकार पूरी तरह मौन है। विकास उपाध्याय ने बताया कि गाजीपुर जिले में हिंदू कारोबारी लिटन चंद्र घोष की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, वहीं राजबाड़ी जिले में पेट्रोल पंप पर काम करने वाले रिबन शाह को पेट्रोल के पैसे मांगने पर एक चालक ने वाहन से कुचल दिया। इसके अतिरिक्त राजबाड़ी जिले के पांगशा उपजिला अंतर्गत कलीमोहर यूनियन के होसेंदंगा गांव में बुधवार रात करीब 11 बजे हिंदू युवक अमृत मंडल उर्फ सम्राट की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब कुछ ही दिन पहले दीपू चंद्र नामक हिंदू नागरिक की मॉब लिंचिंग हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि 18 दिसंबर को जब बांग्लादेश में पहली घटना सामने आई थी, तब भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि ऐसी घटनाओं से सख्ती से और तुरंत निपटा जाएगा, लेकिन अब तक नौ हत्याएं हो चुकी हैं और मोदी सरकार चुप्पी साधे हुए है। सत्ता परिवर्तन के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े हैं और अब ये घटनाएं सीधे हत्या और मॉब लिंचिंग का रूप ले चुकी हैं। विकास उपाध्याय ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय सुनियोजित हिंसा और भय के माहौल में जीने को मजबूर है, लेकिन केंद्र सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “कहां गए विश्व गुरु का दावा करने वाले और 56 इंच की छाती का हवाला देने वाले?” पूर्व संसदीय सचिव ने कहा कि एक-एक कर हो रही ये हत्याएं नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की कमजोर और विफल विदेश नीति को उजागर करती हैं। भाजपा देश के भीतर हिंदुओं के नाम पर राजनीति कर वोट बटोरती है, लेकिन जब पड़ोसी देश में हिंदुओं की जान पर बन आती है, तब उसकी विदेश नीति बौनी साबित होती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा खुद को हिंदुत्व का ठेकेदार बताते हैं, लेकिन विदेशों में हिंदुओं की असुरक्षा यह साबित करती है कि उनका हिंदुत्व केवल नारेबाजी और राजनीतिक स्वार्थ तक सीमित है। न तो समय रहते कूटनीतिक दबाव बनाया गया और न ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई ठोस पहल की गई। विकास उपाध्याय ने बांग्लादेश पुलिस द्वारा जबरन वसूली का आरोप लगाकर इन हत्याओं को सामान्य अपराध बताने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भीड़ द्वारा हत्या, हथियारों की बरामदगी और लगातार हो रही घटनाएं यह दर्शाती हैं कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा को वहां संरक्षण मिल रहा है, फिर भी भारत सरकार का मौन रहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार बांग्लादेश सरकार से तत्काल कूटनीतिक स्तर पर सख्त बातचीत करे, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कराए और वहां रह रहे हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से आवाज उठाए। यदि सरकार अब भी चुप रही, तो यह साफ हो जाएगा कि भाजपा की हिंदू सुरक्षा की बातें केवल चुनावी हथकंडे हैं। विकास उपाध्याय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश और विदेश में रहने वाले प्रत्येक हिंदू और प्रत्येक भारतीय की सुरक्षा को लेकर गंभीर है और इस मुद्दे पर भाजपा सरकार की नाकामी को जनता के सामने पूरी मजबूती से उजागर करती रहेगी।