- 3 युवाओ का केंद्रीय बल में हुआ चयन राजगढ़ (ईएमएस) ज्ञान और मेहनत को सफलता का मूल मंत्र तथा पुस्तक को सबसे अच्छा मित्र माना जाता है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण राजगढ़ जिला पुस्तकालय में बार-बार देखने को मिल रहा है। यहां उपलब्ध ज्ञानवर्धक साहित्य और अध्ययन के अनुशासित वातावरण ने कई युवाओं का भविष्य संवारा है। हाल ही में घोषित एसएससी जीडी परीक्षा की मेरिट सूची में जिला पुस्तकालय से पढ़ाई करने वाले तीन और होनहार युवाओं का नाम जुड़ गया है। घोषित परिणामों में राजगढ़ की वंशिका सोनी, सारंगपुर के कड़लावद निवासी रामबाबू मालवीय और खिलचीपुर के ब्यावरा कला गांव के श्रीनाथ दांगी का चयन सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) एवं असम राइफल्स की विभिन्न इकाइयों में हुआ है। खास बात यह है कि इन तीनों युवाओं ने किसी महंगी कोचिंग या बड़े शहर में पढ़ाई नहीं की, बल्कि राजगढ़ जिला पुस्तकालय में नियमित अध्ययन कर यह सफलता हासिल की। प्रतिदिन आठ से नौ घंटे जिला पुस्तकालय में अध्ययन किया राजगढ़ की भंडारा गली निवासी वंशिका सोनी, पुत्री हरिनारायण सोनी ने बिना किसी कोचिंग के करीब तीन वर्षों तक प्रतिदिन आठ से नौ घंटे जिला पुस्तकालय में अध्ययन किया। फरवरी 2025 में एसएससी जीडी परीक्षा में शामिल हुईं। इसके माध्यम से उनका चयन सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में हुआ है। रामबाबू मालवीय, पुत्र भंवरलाल मालवीय, सारंगपुर के कड़लावद के निवासी हैं। गांव में कक्षा 12वीं के बाद उन्होंने राजगढ़ कॉलेज में प्रवेश लिया और जिला पुस्तकालय में अध्ययन शुरू किया। उन्होंने राष्ट्र सेवा का मार्ग चुना है। जिला पुस्तकालय में करीब एक वर्ष तक नियमित तैयारी की श्रीनाथ दांगी, पुत्र विजय सिंह दांगी, खिलचीपुर के छोटे से गांव ब्यावरा कला के निवासी हैं। श्रीनाथ ने भी बिना किसी कोचिंग के जिला पुस्तकालय में करीब एक वर्ष तक नियमित तैयारी की। एसएससी जीडी के माध्यम से उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में चयनित होकर सफलता प्राप्त की है। -20 हजार से अधिक पुस्तकें, इंटरनेट सुविधा भी जिला पुस्तकालय में साहित्य की करीब 20 हजार पुस्तकें उपलब्ध हैं, जबकि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक हजार से अधिक विशेष पुस्तकें मौजूद हैं। विद्यार्थियों की मांग पर नई पुस्तकें भी मंगवाई जाती हैं। साथ ही इंटरनेट अध्ययन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। -निखिल कुमार (राजगढ़ )19/1/2026