19-Jan-2026
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- गांधीनगर से जल संसाधन मंत्री ईश्वरसिंह पटेल ने किया फ्लैग ऑफ, डैम–कैनाल–तालाब निर्माण व मरम्मत कार्य होंगे और अधिक प्रभावी गांधीनगर (ईएमएस)| राज्य में डैम, नहर और तालाबों के निर्माण एवं मरम्मत के साथ-साथ ‘कैच द रेन–सुजलाम सुफलाम जल अभियान 2.0’ के अंतर्गत जल संरक्षण कार्यों को और सशक्त बनाने के लिए 10.83 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 15 हेवी अर्थ मूविंग मशीनरी को आज गांधीनगर से जल संसाधन एवं जल आपूर्ति मंत्री ईश्वरसिंह पटेल के करकमलों द्वारा फ्लैग ऑफ कर रवाना किया गया। इस अवसर पर मंत्री ईश्वरसिंह पटेल ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में वर्ष 2025–26 के दौरान जल संसाधन विभाग की यांत्रिक शाखा द्वारा कुल 1,083.83 लाख रुपये की लागत से विभिन्न प्रकार की मशीनरी और वाहन खरीदे गए हैं। इन मशीनों के माध्यम से राज्य में मौजूदा डैम, नहरों और तालाबों का निर्माण एवं मरम्मत, तालाबों की गाद निकालकर उन्हें गहरा करना, नहरों की सफाई, बाढ़ के पानी से होने वाले अवरोधों को दूर करना, आपातकालीन बाढ़ राहत कार्य तथा जल संचयन–संरक्षण के कार्य तेजी और प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे। मंत्री ने बताया कि सूरत में तापी नदी में झींगा तालाबों की मास डिमोलिशन की कार्रवाई सात डोजर मशीनों से जारी है। कुल 45 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में प्रस्तावित इस कार्य में से लगभग 5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का कार्य पूर्ण हो चुका है। नई मशीनरी में से दो बड़े डोजर सूरत में तैनात किए जाएंगे, जबकि शेष मशीनें सौराष्ट्र, उत्तर गुजरात, मध्य गुजरात और दक्षिण गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों में आवंटित की जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष भी 879 लाख रुपये की लागत से 15 हेवी मशीनरी खरीदी गई थी, जिन्हें राज्य के चारों जोन में जनहितकारी कार्यों के लिए लगाया गया है। जल संसाधन विभाग की मशीनरी द्वारा प्रतिवर्ष अनुमानित 70 लाख घन मीटर से अधिक मिट्टी कार्य, नहरों व डैम के तटों पर उगी झाड़ियों और अनुपयोगी वनस्पति को हटाने, नए ग्राम तालाबों के निर्माण, उथले हो चुके तालाबों को पुनः गहरा करने तथा बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त तटबंधों की मरम्मत जैसे कार्य किए जाते हैं। इन कार्यों से डैम सुरक्षा में वृद्धि होगी, ग्राम तालाबों की जल संग्रह क्षमता बढ़ेगी और जल संचयन को मजबूती मिलेगी। साथ ही जल संसाधन विभाग की योजनाओं, नहरों और तालाबों के निर्माण व रखरखाव कार्यों की निगरानी समय पर पूरी हो सकेगी। मानसून के दौरान विभिन्न डैमों से पानी छोड़ने की प्रक्रिया भी समयबद्ध रूप से की जा सकेगी। गांधीनगर से रवाना की गई मशीनरी में 4 बैकहो लोडर (103.38 लाख रुपये), 2 क्रॉलर टाइप हाइड्रोलिक लॉन्ग रीच एक्सकेवेटर (106 लाख रुपये), 3 क्रॉलर टाइप हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर 0.9–1.0 क्यूबिक मीटर क्षमता (143.31 लाख रुपये), 2 क्रॉलर टाइप हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर 0.3–0.4 क्यूबिक मीटर क्षमता (62.64 लाख रुपये), 2 क्रॉलर टाइप हाइड्रोलिक बुलडोजर BD-50 (277.50 लाख रुपये) तथा 2 क्रॉलर टाइप हाइड्रोलिक बुलडोजर बीडी-65 (391 लाख रुपये) शामिल हैं। इस अवसर पर यांत्रिक शाखा के मुख्य अभियंता-सह-अतिरिक्त सचिव डी.ए. ठक्कर, मध्य गुजरात जोन के मुख्य अभियंता-सह-अतिरिक्त सचिव आर.एम. पटेल, अधीक्षण अभियंता (यांत्रिक) एस.वी. धानाणी सहित जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे। सतीश/19 जनवरी