19-Jan-2026
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- बिहार में एनडीए शासन में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही बच्चियां तक नहीं हैं सुरक्षित- कृष्णा अल्लावारू - गर्ल्स हॉस्टल कांड में आरोपियों को बचा रही है सरकार, प्रशासन की कार्रवाई संदेहास्पद- कृष्णा अल्लावारू - गर्ल्स हॉस्टल कांड पर प्रशासन किसके इशारे पर आरोपियों की गिरफ्तारी से बच रही है?- राजेश राम पटना, (ईएमएस)। बिहार की राजधानी पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा के साथ शंभू गर्ल्स हॉस्टल में सामूहिक दुष्कर्म और संदिग्ध मौत का मामला पूरे राज्य में एनडीए सरकार और पटना प्रशासन के प्रति गहरी नाराज़गी और आक्रोश का विषय बन चुका है। घटना की गंभीरता और आरोपियों के प्रति कार्रवाई की धीमी रफ्तार को लेकर सरकार और प्रशासन की भूमिका संदेहास्पद है। राज्य में एनडीए शासन में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए निजी छात्रावासों में रहने वाली बच्चियां राजधानी तक में सुरक्षित नहीं हैं। ये बातें बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावारू ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी करने वाली जहानाबाद की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पर धीमी कार्रवाई, दोषियों की गिरफ्तारी और महिलाओं बच्चियों की राज्य में सुरक्षा को लेकर सोमवार दोपहर पटना में इनकम टैक्स गोलंबर पर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर कही। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावारू ने कहा कि एनडीए सरकार में प्रत्येक राज्यों में महिलाओं और बच्चियों की स्थिति बदतर है। छात्राओं की सुरक्षा के दृष्टिकोण से हमेशा भय का माहौल बना रहता है। राज्य की भाजपा जदयू सरकार ने अपराधियों को संरक्षण दे रखा है और किसी भी बड़े वीभत्स कांड के बाद पुलिस प्रशासन को नियंत्रित कर कार्रवाई की रफ्तार प्रभावित करती है। राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति कांग्रेस गंभीर है और हम बच्ची को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर लगातार जहानाबाद से लेकर पटना तक आंदोलित हैं। राज्य की सरकार में उप मुख्यमंत्री और गृह विभाग की जिम्मेदारी देखने वाले सम्राट चौधरी केवल मीडिया में कानून व्यवस्था और बुलडोजर एक्शन को लेकर बयानबाजी करते रहते हैं लेकिन हकीकत यह है कि राज्य की राजधानी पटना ही हमारे महिलाओं बच्चियों के लिए सुरक्षित नहीं है तो और जिलों का हाल भगवान भरोसे ही है। साथ ही उन्होंने एफआईआर में देरी और संचालिका से पूछताक्ष के बाद छोड़ देने पर भी सवाल उठाया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि राजधानी पटना के पॉश इलाके में इतनी बड़ी घटना हो जाती है और एनडीए शासन की पुलिस अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी तक नहीं कर पाई। उन्होंने पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल रेप कांड में हॉस्टल संचालक अग्रवाल दंपत्ति और उनके बेटे की गिरफ्तारी न होने पर भी सरकार से जवाब मांगा। इस मामले में अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर ने साक्ष्य मिटाने और आपराधिक छेड़छाड़ की कोशिश की, फिर भी उसमें शामिल लोगों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। अस्पताल को अब तक सील क्यों नहीं किया गया? यह सभी सवाल अनुत्तरित हैं। बिहार में एनडीए शासन काल में सूबे की महिलाओं बच्चियों और आम नागरिकों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। अपराधी निर्भीक होकर कांड कर आराम से भूमिगत होकर मामले को मैनेज कर रहे हैं। विधान परिषद में दल के नेता डॉ. मदन मोहन झा ने बिहार सरकार से पूछा कि जांच धीमी क्यों चल रही है या फिर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या सरकार रसूखदार आरोपियों को बचाने की कवायद कर रही है? यदि आरोपियों को साक्ष्य मिटाने और मामले को मैनेज करने का समय दिया जा रहा है, तो यह प्रदेश में व्याप्त कानून-व्यवस्था की सच्ची तस्वीर बयां करता है। प्रभारी सचिव शाहनवाज आलम ने कहा कि अगर वास्तव में जांच निष्पक्ष हो रही है, तो आरोपियों की गिरफ्तारी में देर क्यों हो रही है? क्या सरकार पर दबाव है या सरकार खुद आरोपियों को बचाने में जुटी है? प्रशासन की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह निष्पक्ष और तेज जांच कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करें और साक्ष्यों को सुरक्षित रखें। प्रभारी सचिव सुशील कुमार पासी ने कहा कि राज्य सरकार को यह भरोसा देना होगा कि कोई भी आरोपी चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के आगे सभी बराबर हैं। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो एनडीए सरकार के अधीन बिहार में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर भरोसा आम लोगों का टूट चुका है। इस विरोध प्रदर्शन के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार का पुतला दहन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में विधान परिषद में कांग्रेस दल नेता डॉ.मदन मोहन झा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सचिव सह बिहार प्रभारी सुशील कुमार पासी, शाहनवाज आलम, विधायक अबिदुर रहमान, मनोज विश्वास, अभिषेक रंजन, सुरेन्द्र कुशवाहा, मीडिया चेयरमैन राजेश राठौड़, पूर्व मंत्री वीणा शाही, अफाक आलम ब्रजेश प्रसाद मुनन, कपिलदेव प्रसाद यादव, प्रवीण सिंह कुशवाहा, अमित कुमार टुन्ना, प्रतिमा कुमारी दास, अमिता भूषण, विजेन्द्र चैधरी, कुमार आशीष, शरवत जहां फातिमा, असितनाथ तिवारी, स्नेहाशीष वर्द्धन पाण्डेय, शिशिर कौडिल्य, सौरभ सिन्हा, ऋषि मिश्रा, संजय यादव, चन्द्र प्रकाश सिंह, सुरज यादव, रौशन कुमार सिंह, मंजीत आनन्द साहू, शशांत शेखर, नलिनी रंजन झा, उमेैर खान, आजमी बारी, शशि रंजन, अनुराग चंदन, गुंजन पटेल, अरविन्द लाल रजक, वैद्यनाथ शर्मा,मनोज शर्मा, कमल कमलेश, मिन्नत रहमानी, मृणाल अनामय, नदीम अख्तर अंसारी, दुर्गा प्रसाद, संजय पाण्डेय, हीरा सिंह वग्गा, रूमा सिंह, रंजीत कुमार, शशि भूष्ण पंडित, गुरूजीत सिंह, अश्विनी कुमार, मिहिर झा, संजय महाराज, संजय कुमार श्रीवास्तव, वसीम अहमद,अमनकुमार, रमाशंकर पाण्डेय, शशि कुमार सिंह, रूमा सिंह सहित अन्य नेतागण मौजूद रहे। संतोष झा- १९ जनवरी/२०२६/ईएमएस