राष्ट्रीय
19-Jan-2026
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-जहां पुलिस ने छोड़ा वहीं धरने पर बैठे, कोई प्रशासनिक अधिकारी उनसे मिलने नहीं पहुंचा प्रयागराज,(ईएमएस)। प्रयागराज माघ मेले में जाने से रोकने और शिष्यों के साथ मारपीट करने से दुखी शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का धरना जारी है। बता दें पालकी यानी रथ यात्रा रोके जाने के विरोध में शंकराचार्य धरने पर बैठे हैं, जहां पुलिस उन्हें छोड़ गई थी। वे अपने पंडाल में पूरी रात ठंड में धरने पर बैठे रहे। 20 घंटे से अन्न ग्रहण नहीं किया है। पानी भी नही पिया। उन्होंने कहा कि जब तक पुलिस प्रशासन सम्मान और प्रोटोकॉल के साथ नहीं ले जाएगा, तब तक गंगा स्नान नहीं करूंगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज ने बताया कि शंकराचार्य ने कल से कुछ भी नहीं खाया है। कोई प्रशासनिक अधिकारी भी उनसे मिलने नहीं पहुंचा। सुबह उन्होंने अपनी पूजा और दंड तर्पण उसी स्थान पर किया। वहीं, मौनी अमावस्या पर 4 करोड़ 52 लाख लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। हर्षा रिछारिया ने कहा कि मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य के साथ जो कुछ भी हुआ है। वह गलत और दिल दहला देने वाला है। मैं मानती हूं कि पुलिस-प्रशासन की अपनी जिम्मेदारी है, लेकिन हम कैसे भूल जाते हैं कि हम जिस देश में रहते हैं और हमारी संस्कृति और धर्म में संत और नारी सम्मान सर्वोपरि है। आज शंकराचार्य के कितने शिष्य हैं। जो उनको पूजते हैं। आज आपने उनसे विवाद कर लिया। उनके शिष्यों को पकड़कर थाने में बैठा दिया। ब्राह्मणों की शिखाओं को पकड़कर घसीटा। यह बहुत ज्यादा निंदनीय है। मैं चाहती हूं कि इस पर सरकार तुरंत एक्शन ले। शंकराचार्य की ये बेटी उनके साथ है। सिराज/ईएमएस 19जनवरी26