- यात्री सुविधा के नाम पर शेड, शौचालय, पानी का नहीं है इंतज़ाम, यात्रियों को होती है भारी परेशानी मधुबनी, (ईएमएस)। मधुबनी जिला मुख्यालय में गंगा सागर परिसर में अवस्थित राज्य पथ परिवहन निगम का बस अड्डा का हाल बदहाल है। आलम यह है कि सरकारी बस पड़ाव में यात्रियों की सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है। ना तो बस स्टैंड में यात्रियों को बस के इंतज़ार में खड़े होने के लिए शेड है, ना ही शौचालय है और ना ही पीने के लिए कोई चापाकल है। यहां तक कि बस स्टैंड में आने वाले बस के ड्राइवर व कंडक्टर के लिए बैठने की भी व्यवस्था नहीं है। बस स्टैंड में 6/8 का एक छोटा सा गुमटी टाइप कमरा मात्र है। जिसे टिकट घर के नाम से जाना जाता है। जिसके छत में चदरा चढ़ा हुआ है। सरकारी बस स्टैंड का अपना कोई बोर्ड भी नहीं है। जिससे बाहरी यात्री यह भी नहीं समझ पाते कि यही सरकारी स्टैंड है। बस स्टैंड में बस पकड़ने आने वाले यात्रियों के लिए शौचालय की व्यवस्था नहीं रहने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर महिला यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ती है। राज्य ट्रांसपोर्ट डिपो के एक मात्र कर्मचारी यहां पदस्थापित है। * बस स्टैंड से 16 बसों का होता है परिचालन सरकारी बस स्टैंड से 16 बसों का परिचालन होता है जिसमें चार बस बिहार राज्य ट्रांसपोर्टेशन निगम का है जबकि 12 बसें अंडरटेकिंग के आधार पर चलाया जा रहा है। राज ट्रांसपोर्ट की दो बसें पिंक लाइन बस है जो दरभंगा से मधुबनी एवं मधुबनी से दरभंगा तक परिचालित होता है। पिंक बस में सिर्फ महिलाओं के चढ़ने की व्यवस्था है। राज्य ट्रांसपोर्ट की दो अन्य बसें दरभंगा भाया मधुबनी से लौकहा तक जाती है। 12 अन्य बसें जो अंडर टेकिंग के आधार पर परिवहन विभाग द्वारा परिचालित है, वो बसें मधुबनी से दरभंगा, मुजफ्फरपुर होते हुए पटना तक जाती है। बस का किराया भी प्राइवेट बस से भी कम है। मधुबनी से दरभंगा तक का ऐसी बस का किराया 60 रुपये जबकि नॉन एसी का 50 रुपये, इसी प्रकार मुजफ्फरपुर का 180 रुपए एवं 150 रुपए, पटना का 300 रुपया एवं 250 रुपया है। * क्या कहते हैं अधिकारी इस संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा कि बस स्टैंड में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। बस स्टैंड में शेड,शौचालय एवं पीने के पानी की व्यवस्था के लिए राज्य परिवहन निगम के डिपो के आरएम ने परिवहन निगम से पत्राचार किया है। परिवहन निगम द्वारा शीघ्र ही इस दिशा व्यवस्था करेगी। कार्तिक कुमार/संतोष झा- २० जनवरी/२०२६/ईएमएस