जेएसटीपीजी कॉलेज के बीएससी चतुर्थ वर्ष की छात्रा है वीणा बालाघाट (ईएमएस). कहते हैं कि सच्ची लगन, अनुशासन और सेवा भावना हो तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। इसी कहावत को साकार किया है वारासिवनी विकासखंड के ग्राम गटापायली की बेटी वीणा जमरे ने, जिन्होंने एक छोटे से गांव से निकलकर गणतंत्र दिवस परेड जैसे गौरवपूर्ण राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का सपना पूरा किया। वीणा जमरे वर्तमान में प्रधानमंत्री उत्कृष्ट महाविद्यालय अंतर्गत शासकीय जटाशंकर त्रिवेदी स्नातकोत्तर महाविद्यालय बालाघाट में बीएससी चतुर्थ वर्ष की छात्रा हैं। ग्रामीण परिवेश में जन्मी वीणा बचपन से ही समाजसेवा और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित रहीं। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) से जुडकऱ अनुशासन, सेवा और परिश्रम को अपने जीवन का मूलमंत्र बनाया। एनएसएस की गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करते हुए वीणा जमरे ने अपनी कर्मठता और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। कठिन प्रशिक्षण और चयन प्रक्रियाओं को पार कर उन्होंने एनएसएस का प्रतिष्ठित प्रमाणपत्र प्राप्त किया। अपने अथक परिश्रम, शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार मराठे के सतत प्रोत्साहन से उनका चयन भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड 26 जनवरी 2026 के लिए हुआ है, जहां वे अपने महाविद्यालय एवं बालाघाट जिले का प्रतिनिधित्व करेंगी। उल्लेखनीय है कि वीणा जमरे इससे पूर्व वर्ष 2025 में भी गणतंत्र दिवस परेड की चयन प्रक्रिया के अंतर्गत ग्वालियर प्रशिक्षण शिविर में सहभागिता कर चुकी हैं, जो उनकी निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त उन्होंने राज्य स्तरीय युवा उत्सव प्रतियोगिता में हास्य नाटिका के माध्यम से राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय छिंदवाड़ा का प्रतिनिधित्व करते हुए बालाघाट जिले और अपने महाविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। वीणा जमरे की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है। उनकी यह उपलब्धि ग्रामीण अंचलों की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है। भानेश साकुरे / 20 जनवरी 2026