- जापान में होने वाली अंतर्राष्ट्रीय इंटर्नशिप के लिए हुआ चयन शाजापुर (ईएमएस)। मैने कभी हेलिकॉप्टर नहीं देखा था। जब पिता जी ने मुझे हेलिकॉप्टर लाकर दिया तब मुझे पता चला दुनिया में पक्षियों के अलावा भी कोई चीज उड़ती है। फिर नासा के बारे में पता चला। सर्च करने पर पता चला कि अमेरिका के अलावा हमारे देश में भी इसरो है। इसके बाद मैने हेलिकॉप्टर छोड़ रॉकेट का रास्ता चुना। यह कहना था कौटिल्य एज्यूकेशन एकेडमी के छात्र काव्यांश यादव का जो प्रदेश के उन चार युवाओं में शामिल हैं जिनका चयन इसरो के लिए हुआ है। जो अगले तीन महीनों तक जापान में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी करेंगे और फिर वे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (आईएसआरओ) में वैज्ञानिक रूप में शामिल होकर देश और दुनिया को अंतरीक्ष की गतिविधियों से अवगत कराएंगे। मंगलवार को एबी रोड स्थित एक निजी होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने अपनी इस यात्रा के बारे में बताया। काव्यांश ने बताया कि हमने अमेरिका के बारे में सुना था कि अमेरिका में नासा है, जो बहुत राकेट छोड़ता है। पढ़ते-पढ़ते पता चला कि हमारे देश में भी इसरो है जो बहुत अच्छे मिशन करते हैं तो फिर इसरो में जाने का तय किया। इसके लिए जेईई की तैयारी की और फिर रास्ता मिलता गया और वह आगे बढ़ता गया। आपदा को बनाया अवसर, 10 माह में निकाली जेईई मेंस व एडवांस पूरी दुनिया के साथ-साथ काव्यांश और उसके परिवार के लिए भी कोरोना काल बनकर आया। न पढ़ाई हो पा रही थी और ऑनलाईन पढ़ाई पर इतना भरोसा नहीं किया जा सकता था। लेकिन काव्यांश के बड़े भाई आर्यन उसकी ताकत बना और काव्यांश ने सबसे कठिन मानी जाने वाली जेईई मेंस व जेईई एडवांस की परीक्षा 10 माह में क्रेक करके आईआईएसटी में प्रवेश लिया। कोरोना में पूरी दुनिया थमी हुई थी लेकिन इस आपदा को काव्यांश ने अवसर में बदल दिया। जो तीन माह बाद उन नामी वैज्ञानिकों में शामिल होगा जिनके कारनामों पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी। स्कूल की पढ़ाई ने दिखाई राह कौटिल्य स्कूल संचालक ब्रजेश यादव और माता शशि यादव अपने स्कूल के बच्चों के साथ-साथ अपने बच्चों को भी हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। जब कोरोना का काल आया तब लोगों ने इसे आफत मान लिया, लेकिन इसी समय माता-पिता व भाई से मिला प्रोत्साहन और समय काव्यांश के लिए गोल्डन टाईम साबित हुआ और जेईई मंेस व जेईई एडवांस क्रेक करने में उसे काफी मदद मिली। ईएमएस/मोहने/ 20 जनवरी 2026