:: ओपीडी में 122 में से मिले डायरिया के मात्र 3 मरीज; अब तक 433 लोग स्वस्थ होकर लौटे :: इंदौर (ईएमएस)। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में जलजनित संक्रमण की घटना के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की त्वरित और प्रभावी कार्यवाही से स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। प्रशासनिक मुस्तैदी और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के चलते क्षेत्र में मरीजों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि संक्रमण का प्रभाव अब न्यूनतम स्तर पर है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मंगलवार को भागीरथपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी में आए 122 मरीजों में से डायरिया के लक्षण वाले केवल तीन मरीज ही सामने आए। कलेक्टर शिवम वर्मा के कड़े निर्देशों के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रभावित इलाके में 24x7 चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित की गई है और किसी भी आपात स्थिति के लिए दो एम्बुलेंस स्थाई रूप से स्टैंडबाय पर रखी गई हैं। :: अस्पतालों से मिली राहत, 433 हुए डिस्चार्ज :: स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस घटना के बाद से अब तक विभिन्न अस्पतालों में कुल 449 मरीज भर्ती किए गए थे। सघन उपचार और बेहतर निगरानी के चलते इनमें से 433 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट चुके हैं। वर्तमान में केवल 09 मरीज सामान्य वार्ड में और 07 मरीज आईसीयू में उपचाराधीन हैं, जिनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है। :: निःशुल्क जाँच और उपचार की व्यवस्था :: गंभीर मरीजों को तत्काल एम.वाय. चिकित्सालय, अरविंदो अस्पताल तथा बच्चों को चाचा नेहरू अस्पताल में रेफर करने की सुचारू व्यवस्था की गई है। डॉ. हासानी ने बताया कि इन सभी चिन्हित अस्पतालों में मरीजों के लिए जाँच, उपचार और आवश्यक औषधियाँ पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन स्थिति पर निरंतर नजर रखे हुए है ताकि क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं सुचारू बनी रहें। प्रकाश/20 जनवरी 2026