प्रयागराज,(ईएमएस)। प्रयागराज माघ मेला प्राधिकरण द्वारा नोटिस जारी किए जाने के जवाब में स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डाली और कहा पहले महाकुंभ में उन्हें शंकराचार्य कहा गया और अब स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। गौरतलब है कि मेला प्राधिकरण ने नोटिस जारी कर शंकराचार्य पद के दावे पर स्पष्टीकरण मांगा है। इस पर स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात रखी और मेला प्रशासन पर उन्होंने गंभीर आरोप भी लगाए। वहीं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता पीएन मिश्रा ने कानूनी पक्ष रखा और कहा, कि प्रशासन द्वारा भेजा गया नोटिस सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आता है। यहां स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, जिस घटना के संदर्भ में उन्होंने अपनी बात रखी थी, उसके बाद बीती रात 12 बजे के बाद एक अधिकारी उनके पास आए और उसी समय नोटिस स्वीकार करने का दबाव बनाने लगे। उन्होंने बताया कि नोटिस देने आया व्यक्ति कानूनगो था और नोटिस चस्पा करने के बाद प्रशासन के अधिकारी वापस चले गए। इसी के साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि मेला प्राधिकरण के सामने ऐसी कौन-सी मजबूरी और आपात स्थिति आ गई, जिसके चलते आधी रात में नोटिस चस्पा किया। उन्होंने दावा किया, कि सुप्रीम कोर्ट का गलत हवाला देकर ये लोग कब तक बच पाएंगे? उन्होंने कहा, कि खुद सरकार ने महाकुंभ में एक स्मारिका (पत्रिका) प्रकाशित की थी, उसमें मुझे शंकराचार्य के रूप में छपा गया था। हिदायत/ईएमएस 20जनवरी26