:: कृषि वर्ष 2026 के लिए बनेगा वैज्ञानिक मास्टर प्लान; राजस्व प्रकरणों में पेंडेंसी पर जताई कड़ी नाराजगी :: भोपाल/इंदौर (ईएमएस)। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को मंत्रालय में आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि कलेक्टर जिलों में शासन के प्रतिनिधि हैं। उन्हें केवल विभागों के बीच समन्वय नहीं करना है, बल्कि एक लीडर की भूमिका निभाते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने होंगे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संकल्प के अनुरूप वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने हेतु विस्तृत कार्ययोजना पर विमर्श किया गया। :: राजस्व में जीरो पेंडेंसी का लक्ष्य :: मुख्य सचिव ने सुशासन को शासन का मूल मंत्र बताते हुए राजस्व प्रकरणों में देरी को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बाद भी नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे मामलों में 100-100 दिन की पेंडेंसी असंतोषजनक है। उन्होंने निर्देश दिए कि जब तक रिकॉर्ड दुरुस्त न हो जाए, प्रकरण को निराकृत न माना जाए। मुरैना, भिंड, अनूपपुर, रीवा, विदिशा और सतना जैसे जिलों को इन मामलों में कार्यशैली सुधारने की सख्त हिदायत दी गई है। :: मार्च तक डिजिटल होंगी 1700 सेवाएं :: नागरिक सुविधाओं के लिए एमपी-ई सेवा पोर्टल को बड़ा रिफॉर्म बताते हुए मुख्य सचिव ने मार्च अंत तक सभी 1700 सेवाओं को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। लोक सेवा गारंटी में निवाड़ी और बड़वानी का प्रदर्शन अव्वल रहा, जबकि मऊगंज और शिवपुरी को सुधार की चेतावनी दी गई। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की अनदेखी पर भोपाल, बैतूल और शहडोल जैसे जिलों को फटकार लगाते हुए कलेक्टर्स को हर सप्ताह समय-सीमा (टीएल) बैठक में समीक्षा करने को कहा गया है। :: कृषि और जल प्रबंधन का नया रोडमैप :: कृषि वर्ष 2026 के तहत 10 प्रमुख आयामों पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि मिट्टी, पानी और मौसम को सटीक तकनीक से जोड़कर जिला स्तर पर योजना बनाई जाए। सिंचाई की वास्तविक और आकल्पित क्षमता के अंतर को दूर करना प्राथमिकता होगी। साथ ही पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों के प्रसार और डॉ. भीमराव कामधेनु योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं के उत्कृष्ट क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। :: इंदौर में पेयजल सुरक्षा और रिकॉर्ड दुरुस्ती पर सख्त निर्देश :: मुख्य सचिव ने समीक्षा के दौरान इंदौर के खसरा अपडेट की स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए इसे तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं, नगरीय प्रशासन की समीक्षा में उन्होंने इंदौर के भागीरथपुरा में हुई दूषित पानी की घटना का उल्लेख करते हुए कलेक्टर्स को सचेत किया कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति कहीं भी न हो। उन्होंने पेयजल टंकियों की सफाई और पाइपलाइन लीकेज सुधारने के लिए सही रिपोर्ट देने की संस्कृति विकसित करने को कहा। बैठक में इंदौर कमिश्नर डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल वीसी के माध्यम से शामिल हुए। प्रकाश/21 जनवरी 2026