व्यापार
22-Jan-2026
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- नई बातचीत, ट्रेड डील और टेक्नोलॉजी समझौते संभव नई दिल्ली (ईएमएस)। दावोस में अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन और रूस को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिए। ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को अदभुत नेता बताया और अप्रैल में चीन दौरे की पुष्टि की। इसके साथ ही उन्होंने रूसी राष्ट्रपति पुतिन को अपने प्रस्तावित बोर्ड आफ पीस मिशन में शामिल होने का न्योता दिया। पिछले सालों में अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर और टैरिफ ने वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया था। ट्रंप के इस बयान से संकेत मिलता है कि नई बातचीत, ट्रेड डील और टेक्नोलॉजी समझौते संभव हैं। इससे एशियाई शेयर बाजारों में उछाल, अमेरिकी डॉलर में थोड़ी कमजोरी और टेक कंपनियों के शेयरों में तेजी आ सकती है। ट्रंप के पुतिन को बोर्ड ऑफ पीस में आमंत्रित करने के कदम से रूस-अमेरिका संबंध और यूक्रेन युद्ध पर नई संभावनाएं खुल सकती हैं। अगर बातचीत सफल रही, तो ग्लोबल सप्लाई चेन मजबूत होगी। भारत जैसे उभरते बाजारों के लिए यह सकारात्मक संकेत हैं। विदेशी निवेशकों का पैसा बढ़ सकता है, शेयर बाजार में तेजी, रुपया मजबूत और आयात सस्ता होने से महंगाई पर नियंत्रण संभव है। साथ ही कच्चे तेल की कीमतें गिर सकती हैं जिससे पेट्रोल-डीजल सस्ते होंगे। ट्रंप के बयान से जियो-पॉलिटिकल तनाव कम होने की उम्मीद है। अगर सब कुछ सकारात्मक रहा, तो निवेशकों का जोखिम घटेगा और ग्लोबल कमोडिटी, टेक और बैंकिंग शेयर लाभ उठा सकते हैं।