व्यापार
22-Jan-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। यूक्रेन युद्ध के बाद भारत रूस से कच्चे तेल का सबसे बड़ा आयातक बन गया था। अब भारतीय रिफाइनर रूस से तेल की खरीद कम कर रहे हैं और पश्चिम एशियाई देशों से आयात बढ़ा रहे हैं। इसका उद्देश्य वैश्विक बाजार में संतुलन बनाए रखना और तेल की कीमतों पर नियंत्रण रखना है। पिछले साल अमेरिका ने रूस से तेल की भारी खरीद के कारण भारतीय उत्पादों पर 50 फीसदी आयात शुल्क लगाया था। रूस से आयात कम करने से अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को गति मिलने की संभावना बढ़ गई है। सरकारी कंपनियां जैसे हिंदुस्तान पेट्रोलियम और मैंगलोर रिफाइनरी, साथ ही निजी कंपनी एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी ने रूस से तेल की खरीद पहले ही रोक दी थी।