राष्ट्रीय
22-Jan-2026


मुंबई, (ईएमएस)। केंद्र सरकार ने नेशनल हाईवे पर यात्रा करने वाले वाहन मालिकों के लिए टोल कलेक्शन को ज़्यादा पारदर्शी और सख्त बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब, अगर किसी वाहन पर टोल का बकाया है, तो उसे नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी), फिटनेस सर्टिफिकेट का रिन्यूअल, या नेशनल परमिट जारी नहीं किया जाएगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सेंट्रल मोटर व्हीकल्स (सेकंड अमेंडमेंट) रूल्स, 2026 को नोटिफाई किया है, जो सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1989 में महत्वपूर्ण बदलाव लाते हैं। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम को मज़बूत करना और टोल चोरी को खत्म करना है। नए नियमों के अनुसार, अगर किसी वाहन का बकाया यूज़र फीस इलेक्ट्रॉनिक टोल सिस्टम में दर्ज है, तो उस वाहन से संबंधित ज़रूरी सेवाएं निलंबित कर दी जाएंगी। मंत्रालय ने साफ किया है कि नेशनल हाईवे एक्ट, 1956 के तहत लगाए गए टोल का भुगतान न करना बकाया यूज़र फीस माना जाएगा। अब, वाहन की बिक्री या एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर के लिए ज़रूरी एनओसी सभी बकाया टोल पेमेंट क्लियर किए बिना जारी नहीं किया जाएगा। इसी तरह, वाहन की सुरक्षा के लिए ज़रूरी फिटनेस सर्टिफिकेट का रिन्यूअल भी बकाया टोल पेमेंट होने पर नहीं किया जाएगा। कमर्शियल वाहनों के लिए नेशनल परमिट प्राप्त करना या बनाए रखना भी टोल पेमेंट से जोड़ा गया है। यह फैसला भविष्य में लागू होने वाले मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोल सिस्टम की तैयारी का हिस्सा है। इस सिस्टम में टोल प्लाज़ा पर कोई बैरियर नहीं होगा, और वाहन बिना रुके आगे बढ़ेंगे, जबकि टोल अपने आप कलेक्ट हो जाएगा। इसलिए, यह सुनिश्चित करने के लिए नियम सख्त किए जा रहे हैं कि कोई भी टोल चोरी न करे। संजय/संतोष झा- २२ जनवरी/२०२६/ईएमएस