क्षेत्रीय
22-Jan-2026
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कांकेर(ईएमएस)। शहर को पेयजल आपूर्ति करने वाली जलावर्धन योजना अब ग्रामीण किसानों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। ग्राम दसपुर में स्थित फिल्टर प्लांट से निकलने वाला वेस्ट वाटर आसपास के खेतों में फैल रहा है, जिससे सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि दलदल में तब्दील हो चुकी है। किसानों का आरोप है कि इस समस्या के चलते उनकी फसलें लगातार बर्बाद हो रही हैं। जानकारी के अनुसार, ग्राम बागोड़ में महानदी पर बने इंटेक वेल से पानी लाकर दसपुर स्थित फिल्टर प्लांट में शुद्ध किया जाता है। यहां से पानी शहर की चार टंकियों में भेजा जाता है और फिर घरों तक सप्लाई होता है। लेकिन फिल्टर प्रक्रिया के दौरान निकलने वाला अतिरिक्त और गंदा पानी सीधे किसानों के खेतों में पहुंच रहा है। किसानों का कहना है कि फिल्टर प्लांट की टंकियों की सफाई के दौरान बड़ी मात्रा में पानी खेतों में छोड़ा जाता है। इसके कारण सालभर खेतों में पानी भरा रहता है। स्थिति यह है कि खरीफ सीजन में औसतन 50 प्रतिशत तक फसल कम हो रही है। दलदल के कारण ट्रैक्टर और हार्वेस्टर जैसे कृषि उपकरण खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। रबी सीजन में हालात और भी खराब हैं। कई किसान बोनी ही नहीं कर पा रहे हैं और जिन्होंने बोनी की, उनके बीज खेत में सड़ जा रहे हैं। किसानों के अनुसार, फिल्टर प्लांट के वेस्ट वाटर से करीब 200 एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हो रही है। प्रभावित किसान नाथू कोर्राम ने बताया कि अतिरिक्त पानी के कारण खेत पूरी तरह डूब जाते हैं, जिससे खेती असंभव हो गई है। किसान जगमोतीन निषाद ने कहा कि उनका 20 डिसमिल खेत पूरी तरह बर्बाद हो चुका है। वहीं किसान लोकेश निषाद का कहना है कि एक एकड़ जमीन खेती लायक नहीं बची है। ग्रामीणों का आरोप है कि जलावर्धन योजना वर्ष 2021 से शुरू हुई, लेकिन इसका लाभ आज तक दसपुर गांव के लोगों को नहीं मिल पाया है। उल्टा फिल्टर प्लांट गांव में होने के कारण यहां के किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। वेस्ट वाटर से गांव की सड़कें भी खराब हो चुकी हैं। इस मामले में नगरपालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक ने कहा कि अभी तक किसानों की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा। वहीं ग्राम सरपंच सूर्या नेताम और उपसरपंच मयाराम मरकाम ने मांग की है कि फिल्टर प्लांट के वेस्ट वाटर के लिए नाली बनाकर उसे नदी में छोड़ा जाए। इससे किसानों को राहत मिलेगी और जलस्तर भी बढ़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों के हित में जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो ग्रामीण सड़क पर उतरकर चक्काजाम करेंगे। किसानों घासीराम साहू, रामप्रसाद साहू, दशरथ साहू और लाकेश निषाद ने प्रशासन से मांग की है कि फिल्टर प्लांट से निकलने वाले वेस्ट वाटर की समस्या का तत्काल स्थायी समाधान किया जाए।