- बीएमएस ने अधिकारियों के संज्ञान में लाया मामला कोरबा (ईएमएस) साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड गेवरा परियोजना में मेकेनिकल और सिविल संबंधी कार्यों को कर रही एक निजी कंपनी के अंतर्गत कार्यरत 105 कर्मचारियों को नवंबर एवं दिसंबर माह के वेतन के लिए तरसना पड़ रहा है। दो माह से वेतन भुगतान न होने के कारण मजदूरों की आर्थिक स्थिति नाजुक हो गई है। आर्थिक चुनौती से जूझ रहे मजदूरों का कहना है कि मौजूदा स्थिति में मार्केट में इमेज खराब हो रही है। निजी कंपनी के अधीन काम कर रहे मजदूरों ने बताया कि उन्होंने अपने पेटी ठेकेदार से कई बार संपर्क किया। ठेकेदारों द्वारा यह भरोसा दिलाया गया था कि यदि कंपनी से भुगतान नहीं हुआ, तो भी 15 से 20 तारीख के बीच मजदूरों को अपनी जेब से वेतन देंगे। लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी न तो भुगतान किया गया और न ही ठेकेदार मजदूरों के फोन कॉल रिसीव कर रहे हैं। इस रवैये से मजदूरों में भारी आक्रोश और निराशा व्याप्त है। मदन सिंह केंद्रीय उपाध्यक्ष बीएमएस, रामनारायण साहू केंद्रीय अध्यक्ष बीएमएस बिलासपुर जोन, बाबू सिंह गेवरा शाखा अध्यक्ष संगठन ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी मजदूर के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और हर कर्मचारी को उसका बकाया वेतन एवं रोजगार सुनिश्चित कराया जाएगा। इससे पहले भी कुछ निजी ठेका कंपनियों में काम करने वाले मजदूरों के सामने इस प्रकार की स्थितियां आ चुकी हैं। समस्या तब होती है जब मजदूर प्रवासी श्रेणी के होते हैं और उनका पूरा दारोमदार स्थानीय आधार पर टिका होता है। हताश और परेशान मजदूरों ने अंतत भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) एवं भारतीय कोयला खदान मजदूर संगठन के पदाधिकारियों से संपर्क कर अपनी पीड़ा साझा की। संगठन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल उच्च अधिकारियों को अवगत कराया और मजदूरों को शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। भारतीय कोयला खदान मजदूर संगठन, बिलासपुर (भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध) के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मजदूरों की वेतन राशि और रोजगार बहाली के लिए यह मामला शासन-प्रशासन, कंपनी प्रबंधन एवं एसईसीएल तक मजबूती से उठाया जाएगा।