क्षेत्रीय
23-Jan-2026
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- दो साल में न तो बिल्डिंग हैंडओवर हुई न स्टाफ की नियुक्ति ब्यावरा (ईएमएस )दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिक की तर्ज पर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक खोले गए थे। नगर के एसडीएम निवास के पास सुठालिया रोड पर गुलाब शाह की बावड़ी के पास 25-25 लाख की लागत से नपा द्वारा संजीवनी क्लीनिक का निर्माण किया था। संजीवनी क्लीनिक का उद्देश्य अर्बन स्लिम एरिया में मरीजों को बेहतर उपचार देना था। 2023-24 से शहर में संजीवनी क्लीनिक बनकर तैयार है, लेकिन अब तक ना बिल्डिंग हैंडओवर हो पाई है ना ही संजीवनी क्लीनिक में स्टाफ की नियुक्ति हुई हैं, जिससे बिल्डिंग धूल खा रही है। साथ ही मरीजों को इलाज मिलना मुश्किल हो रहा है। मरीजों को इलाज कराने के लिए सिविल और जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है। संजीवनी क्लीनिक में सामान्य बीमारियों के मरीजों को पास में ही बेहतर इलाज मिल जाता। लेकिन शहर में दोनों संजीवनी क्लीनिक बनकर तैयार हो गए है। लेकिन स्टाफ की नियुक्ति नहीं होने इलाज नहीं मिल रहा है। गंभीर रोगियों के साथ सामान्य मरीज भी उपचार कराने के लिए सिविल अस्पताल पहुंच रहे है। ऐसे में सिविल अस्पताल में ओपीडी बढ़ने से मरीजों को इलाज के लिए लाइन लगानी पड़ रही है। - शहर के हाथीखाना में दो साल से लगा ताला बिल्डिंग खा रही धूल शहर के हाथीखाना में एसडीएम निवास के पास 25 लाख रुपए की लागत से 2023-24 में संजीवनी क्लीनिक बनाया गया था। बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। रंगरोगन के साथ संजीवनी क्लीनिक का बोर्ड भी लगाया गया है। लेकिन इन दो सालों में ना तो बिल्डिंग हैंडओवर हुई है और ना ही संजीवनी क्लीनिक में स्टाफ की नियुक्ति की गई है। जिससे दो साल से भी अधिक समय से बिल्डिंग धूल खा रही है। साथ ही मोहल्ले के सभी मरीजों को उपचार के लिए परेशान होना पड़ रहा है। कुछ मरीज निजी अस्पतालों में इलाज करवा रहे है, वहीं कुछ मरीजों को इलाज कराने के लिए सिविल अस्पताल जाना पड़ रहा है। जिले में नरसिंहगढ़, सारंगपुर, ब्यावरा, राजगढ़, जीरापुर, खिलचीपुर और पचोर में लगभग दो साल से अधिक समय पहले संजीवनी क्लीनिक का निर्माण किया गया था। नरसिंहगढ़ में स्टाफ की नियुक्ति होने से मरीजों को उपचार मिल रहा है। ब्यावरा और सारंगपुर में दो-दो संजीवनी क्लीनिक बनाए गए है। अन्य जगहों पर एक-एक संजीवनी क्लीनिक बनकर तैयार तो हो गए है, लेकिन अब तक ना बिल्डिंग हैंडओवर हुई है और ना ही स्टाफ की नियुक्ति हो पाई है। स्टाफ की नियुक्ति नहीं होने से संजीवनी क्लीनिक में संचालित हो रही आंगनबाड़ी शहर के सुठालिया रोड पर गुलाब शाह की बावड़ी के पास नपा द्वारा 2023-24 में 25 लाख की लागत से संजीवनी क्लीनिक का निर्माण किया गया था। बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। रंगरोगन के साथ संजीवनी क्लीनिक का बोर्ड भी लगाया गया है, लेकिन अब तक ना तो बिल्डिंग हैंडओवर हुई है और ना ही स्टाफ की नियुक्ति हो पाई है। बिल्डिंग खाली पड़ी रहने से उसी मोहल्ले की आंगनबाड़ी संचालित हो रही है। आंगनबाड़ी की बिल्डिंग खराब होने से संजीवनी क्लीनिक में बच्चे बैठकर पढ़ाई कर रहे है। साथ ही आसपास के मोहल्ले के साथ ढकोरा और अन्य गांव के लोगों को उपचार कराने के लिए सिविल अस्पताल जाना पड़ रहा है। -निखिल कुमार (ब्यावरा )23/1/2026