- कंपनी ने पहले साल में लगभग 1.2 करोड़ पेन तैयार करने की योजना बनाई नई दिल्ली (ईएमएस)। डॉ. रेड्डी लैब्स भारत में टाइप-2 डायबिटीज के इलाज में इस्तेमाल होने वाली सेमाग्लूटाइड आधारित दवा ओज़ेम्पिक का जेनेरिक संस्करण बाजार में उतारने जा रही है। कंपनी का उद्देश्य मरीजों तक सुलभ और प्रतिस्पर्धी कीमत पर दवा पहुंचाना है। कंपनी ने पहले साल में लगभग 1.2 करोड़ पेन तैयार करने की योजना बनाई है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अंतिम कीमत बाजार में मौजूद अन्य कंपनियों की रणनीति पर निर्भर करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि जेनेरिक सेमाग्लूटाइड की कीमतें काफी कम हो सकती हैं, जिससे डायबिटीज और मोटापे के मरीजों के लिए इलाज पहले से कहीं अधिक किफायती और सुलभ होगा। डॉ. रेड्डी लैब्स दवा का सक्रिय फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट (एपीआई) खुद बनाएगी। इसके अलावा, भारत में मार्केटिंग के लिए कंपनी अन्य साझेदारों के साथ सहयोग करेगी। भारत में ओज़ेम्पिक का पेटेंट 21 मार्च को समाप्त हो गया, जिससे यह बाजार कंपनी की वैश्विक रणनीति में अहम बन गया है। इसके अलावा तुर्की, ब्राज़ील और कनाडा को भी प्रमुख बाजारों के रूप में देखा जा रहा है। भारत में जेनेरिक ओज़ेम्पिक के निर्माण और विपणन की मंजूरी मिल चुकी है, जबकि वजन घटाने वाली दवा वेगोवी के अनब्रांडेड संस्करण के लिए अभी मार्केटिंग अप्रूवल का इंतजार है। कनाडा में हेल्थ कनाडा से मंजूरी मिलने की संभावना मई तक है। डॉ. रेड्डी लैब्स की इस पहल से जेनेरिक सेमाग्लूटाइड मरीजों के लिए सस्ती और अधिक सुलभ दवा बन जाएगी, जिससे डायबिटीज और मोटापे से जूझ रहे लोगों को बड़ा राहत मिल सकता है। सतीश मोरे/23जनवरी ---