कांकेर(ईएमएस)। छत्तीसगढ़ रजत जयंती के अवसर पर जिले के विभिन्न ग्रामों में जल जीवन मिशन के तहत जल गुणवत्ता परीक्षण और जल संरक्षण को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत ग्राम माटवाड़ा मोदी और आतुरगांव में जल बहिनी, ग्रामवासी और स्कूल के बच्चों की सक्रिय सहभागिता से जल परीक्षण और जल संरक्षण विषयक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के दौरान जल गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले तत्वों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी ग्रामीणों और बच्चों को दी गई। उन्हें जल के महत्व, जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने और स्वच्छ पेयजल के उपयोग से होने वाले स्वास्थ्य लाभों के बारे में समझाया गया। कार्यक्रम में एफटीके (फील्ड टेस्ट किट) के माध्यम से जल गुणवत्ता जांच की व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे ग्रामीण स्वयं अपने पेयजल की जांच कर सकें और जल जनित बीमारियों से बचाव कर सकें। इसके अलावा स्कूली बच्चों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए शपथ दिलाई गई। इस शपथ में शामिल मुख्य बिंदु थे: बूंद-बूंद जल बचाना,जल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखना,जल संसाधनों की उचित देखभाल करना,जल को ग्राम की सामूहिक संपत्ति मानना,जल कर का नियमित भुगतान करना,भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए सोख्ता गड्ढा निर्माण और पौधरोपण करना साथ ही ग्राम इच्छापुर में भी जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल स्रोतों के प्रशिक्षण, साफ-सफाई, जल गुणवत्ता परीक्षण और जल संरक्षण से संबंधित जनपद स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रचार रथ के माध्यम से पूरे ग्राम में भ्रमण कर ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल, जल गुणवत्ता जांच और जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।