- राज्यपाल ने कहा विद्यार्थी अपने शोध और नवाचार से देश को निरंतर आगे बढ़ाएं - वसंत पंचमी पर पांचवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राज्यपाल, विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं उपाधियां प्रदान की सागर (ईएमएस)। राज्यपाल मंगुभाई पटेल शुक्रवार को वसंत पंचमी के अवसर पर महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर के पांचवे दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। जहां राज्यपाल श्री पटेल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राज्यपाल ने समारोह में 19 विद्यार्थियों को पीएचडी, 46 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और लगभग 200 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की। राज्यपाल ने दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में नए अवसरों को प्राप्त करने और नई चुनौतियों के समाधान खोजने में अपने ज्ञान और कौशल को निरंतर निखारते रहें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को मिली उपाधियां सिर्फ कागज का प्रमाण पत्र नहीं बल्कि जिम्मेदारियों का आमंत्रण पत्र है। उन्होनें विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि विद्यार्थी अपने ज्ञान, कौशल, शोध, नवाचार से देश को निरंतर आगे बढ़ाते रहें।राज्यपाल ने कहा कि सत्य बोलना, धर्माचरण और पर्यावरण संरक्षण हमारी संस्कृति है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पर्यावरण संरक्षण हमारी ही नहीं बल्कि विश्व की आवश्यकता बन कर उभरा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी का धर्म है कि वह माता-पिता और अपने गुरुजनों द्वारा दी गई शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए शिक्षा को अपने आचरण में लाएं। उन्होंने कहा शिक्षा केवल स्कूल, विद्यालय, विश्वविद्यालय तक ही सीमित नहीं है। परिवार, समाज से भी शिक्षा ग्रहण की जाती है। ध्यान रहे कि आज के विद्यार्थी ही कल के भारत को विकसित भारत बनाने की नींव हैं। उन्होंने कहा कि हम शिक्षा लेकर सिर्फ नौकरी करने वाले न बने बल्कि नौकरी देने वाले भी बनें।राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई नई शिक्षा नीति ने देश की शिक्षा व्यवस्था को एक नई दिशा दी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा जीवन में आगे बढ़ते हुए आपको सफलता के पथ तक पहुँचाने वाले माता-पिता, गुरुजनों की साधना, त्याग और समर्पण को कभी नहीं भूलें अपने माता-पिता, गुरुजनों, समाज और राष्ट्र का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि आप सभी आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की कर्णधार पीढ़ी हैं। राज्यपाल ने गुरुजनों से कहा कि शिक्षक का व्यक्तित्व ही विद्यार्थियों में ज्ञान और कौशल का संचार करता है। देश को उच्च कुशल और ज्ञान से परिपूर्ण व्यक्ति देना शिक्षक का कर्तव्य और धर्म होता है। आपकी प्रतिभा, ज्ञान और कौशल से किए गए कार्य, अध्ययन, अध्यापन की सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब समाज की अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा और ज्ञान का प्रकाश पहुंचे।समारोह में विशिष्ट अतिथि वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपनी प्रतिभा और शोध के माध्यम से भारत को आगे बढ़ाने का कार्य करें। नई शिक्षा नीति को लागू करने में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है इससे प्रदेश में शिक्षा का स्तर बढ़ा है और शिक्षा सिर्फ पुस्तक ज्ञान तक सीमित न होकर कौशल आधारित हुई है। सारस्वत अतिथि एवं अध्यक्ष म.प्र. निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग, भोपाल प्रो. खेमसिंह डहेरिया ने कहा कि जीवन में सफलता के लिए कठोर अनुशासन, भरपूर आत्म-विश्वास और संवेदनशील व्यक्तित्व होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड एक भू-खंड नहीं है यह एक जीवित चेतना है। बुन्देलखंड ने देश के अनेक प्रतिभा संपन्न व्यक्तित्व दिए हैं, क्रिकेटर क्रांति गौंड़ और फिल्मउद्योग के चमकते सितारे देवेन्द्र अहिरवार इसका सजीव उदाहरण है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ नहीं पढ़ाता वह विद्यार्थी में संभावनाएं तलाशता है। उन्होंने कहा कि सपने साहस और धैर्य के बल पर ही हकीकत का रूप लेते हैं, बस जरूरत है असफलता से सबक लेकर खुद में बदलाव लाते हुए निरंतर आगे बढ़ते रहने की। इस दौरान उन्होंने सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और आत्मनिर्भर, विकसित भारत का संदेश दिया। कार्यक्रम में कुलगुरु प्रो. राकेश कुशवाह ने दीक्षांत प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों में दृढ़ संकल्प के साथ सफलता मिलती है। उन्होंने कहा कि आज विद्यार्थी दीक्षांत शपथ के साथ साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लें। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में छतरपुर विधायक ललिता यादव सहित नगरपालिका अध्यक्ष ज्योति चौरसिया, कमिश्नर सागर अनिल सुचारी, पुलिस महानिरीक्षक हिमानी खन्ना, कलेक्टर पार्थ जैसवाल एवं पुलिस अधीक्षक अगम जैन, जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, कुलसचिव यशवंत सिंह पटेल एवं अन्य अधिकारियों सहित गणमान्य नागरिक, विभिन्न संकायों के प्रमुख, विद्यार्थी और उनके अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य अतिथि राज्यपाल मंगुभाई पटेल की उपस्थित में शोध छात्रों, शोध निदेशकों तथा प्राध्यापकों का फोटो शूट किया गया। तत्पश्चात् राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद बुंदेली परिधान में मंच तक शोभायात्रा निकाली गई। दीक्षांत समारोह मां सरस्वती एवं महाराजा छत्रसाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर शुरू हुआ। राष्ट्रगान की प्रस्तुति (पुलिस बैंड के साथ) के बाद कुलगान, सरस्वती वंदना की प्रस्तुति की गई। इस दौरान विश्वविद्यालय की स्मारिका दीक्षा वाणी का विमोचन किया गया और उपाधिधारकों को शपथ भी दिलाई गई। निखिल सोधिया/ईएमएस/23/01/2026