अंतर्राष्ट्रीय
24-Jan-2026


वाशिंगटन (ईएमएस)। हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कुछ कम होता नजर आ रहा था, लेकिन अब स्थिति फिर से गंभीर हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल ईस्ट की ओर अमेरिकी नौसेना का बड़ा बेड़ा भेजने की घोषणा की, इस उन्होंने ‘आर्माडा’ कहा। इसके जवाब में ईरान ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार का हमला, चाहे छोटा या सीमित, उन्हें पूरी जंग के रूप में लगेगा और जवाब उसी स्तर का मिलेगा। रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल ने अपना हवाई क्षेत्र खाली किया है, जबकि क्षेत्र में यूएसएस अब्राहम लिंकन और अन्य अमेरिकी युद्धपोत एवं एफ-15 फाइटर जेट मौजूद हैं। इस तनाव के बीच ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी सैन्य जमावड़ा सीधे खतरा है और किसी भी हमले का जवाब ईरान अपनी पूरी ताकत से देगा। उनका कहना था कि कोई भी स्ट्राइक, चाहे ‘सर्जिकल’ या सीमित कहा जाए, ईरान के लिए पूर्ण युद्ध होगा। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर ने भी चेतावनी दी कि ईरान की उंगली ट्रिगर पर है और अगर सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के खिलाफ कोई कदम उठाया गया, तब नतीजे बेहद खतरनाक हो सकते है। उस सकंट तब आया हैं, जब ईरान पहले से आंतरिक संकट का सामना कर रहा है। महीनों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों में सख्ती बढ़ गई है और मानवाधिकार समूहों के अनुसार लगभग 5000 लोग मारे जा चुके हैं। पिछले हफ्ते ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई से कदम पीछे खींचा था, क्योंकि ईरान ने आश्वासन दिया था कि पकड़े गए प्रदर्शनकारियों को फांसी नहीं दी जाएगी। हालांकि अब ईरान ने ट्रंप के दावे को झूठ बताया है और स्थिति फिर से तनावपूर्ण हो गई है। इस बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी दिख रहा है। फ्रांस की एयर फ्रांस और नीदरलैंड की केएलएम ने इजरायल, दुबई और सऊदी अरब के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। इससे पहले जर्मनी की लुफ्थांसा ग्रुप ने भी इजरायल की रात की उड़ानों को रोक दिया था। हालांकि इजरायल की सेना ने आम लोगों के लिए कोई नई चेतावनी नहीं दी है, लेकिन यूरोपीय एयरलाइंस के फैसले से स्पष्ट है कि वैश्विक स्तर पर इस टकराव को गंभीरता से देखा जा रहा है। अब पूरी दुनिया मिडिल ईस्ट में संभावित संघर्ष पर नजर रखे हुए है, और विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि छोटा हमला भी बड़ी जंग की शुरुआत बन सकता है। आशीष दुबे / 24 जनवरी 2026