राज्य
24-Jan-2026


‎पटना, (ईएमएस)। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार में जमीन से जुड़े मामलों के समय पर निपटारे में लापरवाही को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने राज्य के 58 अंचलाधिकारियों (सीओ) को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। यह कार्रवाई उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत प्रपत्र ‘क’ का गठन, वेतन वृद्धि पर रोक और पदोन्नति पर रोक जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। दरअसल, विभाग ने हाल के दिनों में जमीन से जुड़े कार्यों की राज्यस्तरीय समीक्षा की थी। इस समीक्षा में म्यूटेशन डिफेक्ट चेक और दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) आवेदनों के निपटारे में कई गंभीर खामियां सामने आईं। जांच में पाया गया कि अनेक अंचलों में दाखिल-खारिज मामलों के निस्तारण की गति बेहद धीमी है। कई अंचल कार्यालयों में बड़ी संख्या में आवेदन लंबित हैं, जबकि कुछ मामलों में बिना ठोस कारण के आवेदनों को खारिज कर दिया गया है। विभागीय समीक्षा में यह भी सामने आया कि कई अंचलाधिकारियों ने निर्धारित समय-सीमा 90 दिनों के भीतर दाखिल-खारिज का निपटारा नहीं किया। जबकि राज्य स्तर पर दाखिल-खारिज निस्तारण का औसत समय मात्र 44 दिन है। इस आधार पर विभाग ने ऐसे अंचलों की पहचान की, जहां लगातार लापरवाही बरती जा रही है, और वहां के अंचलाधिकारियों से जवाब-तलब किया गया। नोटिस पाने वालों में बारसोई, पूर्णिया ईस्ट, उदाकिशुनगंज, आरा, रानीगंज, शाहपुर, फारबिसगंज, गोरौल और दीदारगंज के अंचलाधिकारी शामिल हैं। सिर्फ कामकाज ही नहीं, बल्कि विभागीय अनुशासन के मामले में भी कई अधिकारी उदासीन नजर आए। हाल ही में हुई राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में 537 अंचलाधिकारियों में से 529 उपस्थित हुए, जबकि आठ अधिकारी बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहे। इनमें रामपुर, मोकामा, मनेर, डिहरी, नौहट्टा, रोहतास, बेनीपट्टी और अरवल के अंचलाधिकारी शामिल हैं। विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए इन अधिकारियों से भी स्पष्टीकरण मांगा है। इसी तरह रोहतास, गया और शिवहर के अपर समाहर्ता तथा बनमनखी, जयनगर, महनार, बिक्रमगंज, डिहरी ऑन सोन, रजौली, मंझौल और बखरी के डीसीएलआर भी बिना सूचना के बैठक से अनुपस्थित पाए गए। इन सभी अधिकारियों के खिलाफ विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए जवाब-तलब किया है। संतोष झा- २४ जनवरी/२०२६/ईएमएस