खेल
25-Jan-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। शीतकालीन ओलंपिक के लिए दो खिलाड़ियों के चयन का मामला अदालत पहुंच गया है। दिल्ली हाईकोट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए इटली के मिलान और कोर्टिना में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक खेलों के लिए दो खिलाड़ियों के चयन पर रोक लगा दी है। अदालत के फैसले के बाद भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की तदर्थ समिति ने चयन रोक दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी को होगी। दिल्ली उच्च न्यायालय ने चयन प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए अंतिम निर्णय को लंबित कर दिया है। इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर याचिका में क्रॉस-कंट्री स्कीयर मंजीत ने 2026 शीतकालीन ओलंपिक के लिए क्रॉस-कंट्री स्कीइंग स्पर्धा में स्टांजिन लुंडुप का नाम भेजे जाने के आईओए के फैसले को चुनौती दी थी। मंजीत का तर्क था कि अंतरराष्ट्रीय स्की और स्नोबोर्ड महासंघ (एफआईएस) की रैंकिंग में ऊपर होने के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने याचिका में चयन प्रक्रिया में गलतियों के साथ ही हितों के टकराव का मामला भी बताया। यह चयन आईओए द्वारा स्की एंड स्नोबोर्ड इंडिया के संचालन के लिए गठित तदर्थ समिति ने किया था। भारतीय ओलंपिक संघ ने छह से 22 फरवरी के बीच होने वाले 2026 शीतकालीन ओलंपिक खेलों के लिए दो कोटे हासिल किए हैं। इनमें से पहला कोटा अल्पाइन स्कीयर आरिफ खान ने अपनी विश्व रैंकिंग के आधार पर हासिल किया था।आरिफ खान 2022 शीतकालीन ओलंपिक में हिस्सा लेने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी थे। अदालत की एकल पीठ ने अपने आदेश में कहा, “आगामी ओलंपिक शीतकालीन खेल के लिए खिलाड़ियों के नामों का चयन या भेजा जाना इस याचिका के फैसले के आधार पर होगा। ”याचिका में मंजीत ने आरोप लगाया कि कि पात्रता मानदंडों के अनुसार वह एफआईएस रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर थे, इसके बाद भी स्टांजिन का नाम आगे भेज दिया गया। वहीं खेल मंत्रालय ने तर्क दिया कि भारत को क्रॉस-कंट्री स्कीइंग में कोटा कैसे मिला, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है क्योंकि सार्वजनिक डोमेन में इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ईएमएस 25 जनवरी 2026