बहिष्कार से खिलाड़यों और प्रशंसकों को होगा नुकसान लंदन (ईएमएस)। विश्व क्रिकेट संघ (डब्ल्यूसीए) ने टी20 विश्व कप से बांग्लादेश के हटने पर निराशा जतायी है। विश्व क्रिकेट संघ ने कहा कि इस प्रकार का विवाद होना ठीक नहीं है। इस पर गहन विचार होना चाहिये। वहीं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने टी20 विश्व कप में बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया है। आईसीसी ने कहा कि यह फैसला इसलिए लेना पड़ा क्योंकि क्योंकि बांग्लादेश भारत में खेलने के लिए तैयार नहीं था। डब्ल्यूसीए के मुख्यकार्यकारी टॉम मोफैट ने कहा, ‘टी20 विश्व कप से बांग्लादेश के बाहर होने से उस देश के प्रशंसकों को नुकसान हुआ है जो अपनी टीम को खेलते हुए नहीं देख पायेंगे। ये खेल के साथ ही बांग्लादेश के खिलाड़ियों और प्रशंसकों के लिए एक दुखद क्षण है। यह एक ऐसा क्षण है जिस पर गहन विचार करने की जरूरत है। इससे पहले सुरक्षा चिन्ताओं को हवाल देते हुए बांग्लादेश ने विश्वकप से नाम वापस ले लिया था। वहीं आईसीसी का कहना था कि बांग्लादेश टीम को किसी प्रकार का खतरा नहीं था। इसलिए पूर्व में तय किए गए कार्यक्रम में बदलाव नहीं किया जा सकता। मोफैट ने कहा, ‘क्रिकेट को तब मजबूती मिलती है जब प्रत्येक टीम और प्रत्येक खिलाड़ी के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार किया जाता है, उन्हें निरंतर समर्थन दिया जाता है और वे निष्पक्ष शर्तों पर भाग ले पाते हैं। खेल तब सर्वश्रेष्ठ होता है जब सभी प्रतिभागी इसकी सफलता में वास्तविक योगदान देते हैं। डब्ल्यूसीए पेशेवर क्रिकेटरों का एक वैश्विक संगठन है, जिसमें कई देशों के खिलाड़ी सदस्य हैं हालांकि भारतीय क्रिकेटर इस संगठन के सदस्य नहीं हैं। डब्ल्यूसीए की सीईओ ने कहा, ‘यह घटनाक्रम क्रिकेट जगत में आत्मचिंतन का अवसर प्रदान करता है। विभाजन या बहिष्कार की जगह हम सभी पक्षों से अपेक्षा करते हैं कि वे शासी निकायों, लीग और खिलाड़ियों सहित सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम करें, जिससे खेल को एकजुट किया जा सके और खेल के दीर्घकालिक विकास और सफलता के साझा हित में काम किया जा सके। उन्होंने कहा, ‘विश्वभर के खिलाड़ियों और उनके संघों की तरफ से हम बांग्लादेश के उन खिलाड़ियों को अपना समर्थन देना जारी रखेंगे जिन्होंने विश्व कप में खेलने का मौका गंवा दिया है। ईएमएस 25जनवरी 2026