राष्ट्रीय
25-Jan-2026


रामपुर,(ईएमएस)। उर्दू अदब और शेरो-शायरी की दुनिया में खास मुकाम हासिल मशहूर शायर ताहिर फराज का शनिवार को मुंबई में निधन हो गया। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर ताहिर फ़राज़ एक शादी समारोह में शामिल होने मुंबई पहुंचे थे, जहां अचानक तबीयत खराब होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्कों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन की खबर फैलते ही रामपुर समेत पूरी दुनिया में मौजूद उनके चाहने वालों और साहित्य जगत में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी अनुसार, ताहिर फ़राज़ पिछले कुछ दिनों से परिवार के साथ ही मुंबई में थे। एक शादी समारोह में शामिल होने और अपनी बेटी के ऑपरेशन के सिलसिले में वे मुंबई में ही रुके हुए थे। इसी बीच शनिवार सुबह अचानक उन्हें सीने में तेज दर्द महसूस हुआ, जिसके चलते तत्काल ही नजदीकी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके परिवार में पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा है। मशहूर शायरी ताहिर फराज का जन्म 29 जून 1953 को उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुआ था। बचपन से ही उनका शायरी से गहरा नाता रहा। दरअसल उनके पिता काव्य गोष्ठियों में शिरकत करते थे, जहां नन्हे ताहिर भी उनकी ग़ज़लों को तरन्नुम में पेश करके वाहवाही लूटते थे। बताया जाता है कि महज 14 साल की उम्र में उन्होंने अपनी पहली मुकम्मल ग़ज़ल कह दी थी। इंटरमीडिएट करने के बाद ननिहाल रामपुर आ गए और फिर वे यहीं के होकर रह गए। अपने शायरी के दम पर उन्होंने यूएई, अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब, पाकिस्तान और कुवैत सहित दर्जनों देशों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनकी मखमली आवाज़ का जादू ही था कि टी-सीरीज जैसी बड़ी कंपनियों ने उनके एलबम रिकॉर्ड किए और वो खूब पसंद किए गए। एक तरह से ताहिर फ़राज़ ने केवल बेहतरीन शायर, बल्कि एक बेहतरीन गीतकार और ब्रांड भी थे। काश ऐसा कोई मंजर होता, मेरे कांधे पे तेरा सर होता जैसे शेर आज भी लोगों की ज़ुबान पर चढ़े हुए हैं। हिदायत/ईएमएस 25जनवरी26