मुम्बई (ईएमएस)। बांग्लादेश ने इस बार आईसीसी टीम20 विश्वकप के लिए अपनी टीम भेजने से इंकार तो कर दिया है पर ये फैसला उसके लिए आर्थिक रुप से भी बेहद नुकसान दायक रहेगा। इससे जहां उसपर प्रतिबंध सहित कई और खतरे मंडरा रहे हैं। वहीं उसक खिलाड़ियों को भी काफी नुकसान हुआ है और वे एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट से वंचित हो गये हैं। वहीं एक रिपोर्ट के अनुासर बांग्लादेशी खिलाड़ी टूर्नामेंट में खेलने के पक्ष में थे, लेकिन उनसे इस फैसले पर कोई चर्चा नहीं की गई। भारत न जाने का निर्णय पूरी तरह सरकार और बोर्ड स्तर पर लिया गया, जिससे खिलाड़ी खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। जहां तक आर्थिक नुकसान की बात है। विश्वक कप से बाहर होने के बाद बांग्लादेश को केवल ग्रुप स्टेज की भागीदारी फीस के तौर पर ही 3 लाख से 5 लाख डॉलर (करीब 3.6 से 6.7 करोड़ बांग्लादेशी मुद्रा टका) का नुकसान हो सकता है। इसके अलावा आईसीसी के मेंबर पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट (एमपीए) के तहत बिना ठोस कारण टूर्नामेंट में हिस्सा न लेने के लिए उसपर करीब 24 करोड़ टका तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इसके अलावा, बांग्लादेश को टूर्नामेंट के राजस्व में भी हिस्सा नहीं मिलेगा। जिससे उसे करीब 2.7 करोड़ डॉलर (325–330 करोड़ टका) का नुकसान हो सकता है। यह रकम बीसीबी की सालाना आय का लगभग 60 फीसदी है। इसके अलावा खिलाड़ियों के अंतरराष्ट्रीय ब्रांड अनुबंध भी खतरे में हैं। भारतीय खेल उपकरण निर्माता कंपनियों भी उसके खिलाड़ियों के साथ करार समाप्त करने विचार कर रही हैं। ईएमएस 25 जनवरी 2026