:: उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति द्वारा प्रतियोगिता आयोजित, प्रशासनिक न्यायाधिपति ने किया पुरस्कृत :: इंदौर (ईएमएस)। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर के प्रशासनिक न्यायाधिपति न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला के निर्देशन में रविवार को पंच-ज अभियान के तहत भव्य चित्रकला एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। भारतीय स्टेट बैंक के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों और दिव्यांग विद्यार्थियों ने अपनी कला के जरिए जन, जल, जंगल, जमीन और जानवर के संरक्षण का संकल्प दोहराया। :: रंगों में झलका मौलिक कर्तव्यों का बोध :: हाईकोर्ट के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी में पर्यावरणीय चेतना और संवैधानिक दायित्वों के प्रति जागरूकता लाना था। चित्रकला में प्रतिभागियों ने अनुच्छेद 51-क में वर्णित मौलिक कर्तव्यों और प्रकृति संतुलन को कैनवास पर उकेरा। वहीं, सांस्कृतिक स्पर्धा में देशभक्ति गीतों और नृत्य के माध्यम से सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया। :: इन्होंने मारी बाजी :: न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला एवं अन्य उपस्थित न्यायाधिपतिगण ने विजेताओं को पुरस्कृत किया: 1 से 8 वर्ष : प्रथम- धवनिल आमखरे, द्वितीय- कु. तेजस्वनी त्रिपाठी, तृतीय- रोशन कलावत। 9 से 14 वर्ष : प्रथम- श्रावणी शर्मा, द्वितीय- आराध्या पांडेय, तृतीय- रितिका निपाने। 15 से 18 वर्ष : प्रथम- कशिश बाथम, द्वितीय- नंदनी कुशवाह, तृतीय- आरती कुर्मी। :: न्यायविदों की गरिमामयी उपस्थिति :: इस अवसर पर न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर, प्रणय वर्मा, मिलिंद रमेश फड़के, संजीव एस. कालगांवकर, विनय सराफ सहित खंडपीठ के कई न्यायाधिपति, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रोहित आर्या, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रीतेश ईनाणी, आनंद सर्विस सोसाइटी के संचालक ज्ञानेन्द्र पुरोहित एवं हाईकोर्ट के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। “पंच-ज अभियान के तहत ऐसे आयोजन भावी पीढ़ी को प्रकृति संरक्षण और कर्तव्यनिष्ठ नागरिकता की दिशा में प्रेरित करेंगे।” — न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला, प्रशासनिक न्यायाधिपति, हाईकोर्ट खंडपीठ इंदौर प्रकाश/25 जनवरी 2026