बीजिंग(ईएमएस)। दुनिया के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर वेनेजुएला और ईरान में बढ़ते संकटों के बीच अमेरिका की बढ़ती व्यस्तता ने चीन को अपनी वैश्विक रणनीतिक पकड़ मजबूत करने का एक बड़ा अवसर दे दिया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों और हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीजिंग इस स्थिति का लाभ उठाते हुए खुद को सैन्य हस्तक्षेप के बजाय आर्थिक साझेदारी और निवेश के जरिए एक ‘स्थिरता प्रदान करने वाली शक्ति’के रूप में पेश कर रहा है। हालांकि, चीन के इस दावे और उसकी बढ़ती सक्रियता को लेकर दुनिया भर में बहस छिड़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब वॉशिंगटन एक साथ कई मोर्चों पर संकटों से जूझ रहा है, तब चीन अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के मानकों को अपने अनुसार नया रूप देने की दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रहा है। लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों में चीन ‘बिना किसी राजनीतिक शर्त’के बुनियादी ढांचे के विकास और भारी निवेश के जरिए अपना प्रभाव बढ़ा रहा है। वेनेजुएला में मादुरो सरकार के प्रति चीन का झुकाव और ईरान के साथ कड़े अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद व्यापार जारी रखने का फैसला इसे अमेरिका की दंडात्मक नीतियों के मुकाबले एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में स्थापित करने की कोशिश है। चीन की ऊर्जा सुरक्षा के लिए ईरान एक अहम स्तंभ बना हुआ है, और बीजिंग इसे भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। हालांकि, चीन की इस ‘स्थिरताकारी’छवि पर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। विशेषज्ञों का तर्क है कि ईरान के कट्टरपंथी नेतृत्व और वेनेजुएला जैसे विवादित शासन के साथ चीन की नजदीकी उसकी विश्वसनीयता को कमजोर करती है। साथ ही, ताइवान और तिब्बत को लेकर चीन के अपने संप्रभुता संबंधी दावे उसके गैर-हस्तक्षेप के सिद्धांत में गहरा विरोधाभास पैदा करते हैं। कई देश चीन की इस आर्थिक कूटनीति को विस्तारवाद की एक नई आड़ मान रहे हैं और इसे लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। कुल मिलाकर, मौजूदा भू-राजनीतिक परिदृश्य उन ऐतिहासिक दौरों की याद दिलाता है जब उभरती शक्तियों ने स्थापित महाशक्तियों की व्यस्तताओं का लाभ उठाकर वैश्विक समीकरणों को बदला था। चीन की मौजूदा रणनीति केवल अवसरवाद नहीं, बल्कि दुनिया की बागडोर अपने हाथों में लेने की एक सोची-समझी योजना का हिस्सा दिखाई दे रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका अपनी इन चुनौतियों से निपटते हुए चीन के इस बढ़ते प्रभाव को कैसे संतुलित करता है। वीरेंद्र/ईएमएस 26 जनवरी 2026