व्यापार
26-Jan-2026
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- सोना-चांदी और डॉलर की वैश्विक स्वीकार्यता मुंबई (ईएमएस)। रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने चांदी को अब सोने की तरह दर्जा दे दिया है। बैंकों से अब चांदी में सस्ती दर पर लोग कर्ज ले सकेंगे। रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने चांदी को बैंकिंग सिस्टम से जोड़कर अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देने का प्रयास किया है। अभी तक बैंकों से चांदी पर कर्ज नहीं मिलता था। लोगों को चांदी पर कर्ज लेने के लिए साहूकारों का सहारा लेना पड़ता था। चांदी की कीमतें समय-समय पर बहुत तेजी के साथ बदलती रहती हैं। केंद्रीय बैंक भी सोने मे निवेश करते थे। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अब चांदी मे भी निवेश कर रहे हैं। वैश्विक स्तर पर सोने,डालर और चांदी को वैश्विक मुद्रा के रूप में स्वीकार किया जा रहा है। इसको ध्यान में रखते हुए रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने चांदी के लिए नियम बनाए हैं। चांदी की कीमत यदि गिरी भी तो बैंकों को नुकसान ना हो। इसका ध्यान रखा गया है। बैंक में चांदी गिरवी रखने पर कम ब्याज दर पर आसानी से कर्ज मिलेगा। सोने के मुकाबले चांदी पर कर्ज कम दिया जाएगा। चांदी को अब देश में सोने की तरह ही सम्मान मिलने लगा है। चांदी की कीमतें बड़ी तेजी के साथ बढ़ती चली जा रही हैं। पिछले 13 महीने में चांदी की कीमतों में 270 फ़ीसदी की तेजी देखने को मिली है। चांदी औद्योगिक उत्पादन के लिए भी जरूरी हो गई है। सारी दुनिया में चांदी की मांग निरंतर बढ़ती जा रही है। चांदी अब वैश्विक राजनीति का हिस्सा बन गई है। दुनिया के सभी देश जो दर्जा अभी तक सोने को प्राप्त था। अब वह चांदी को भी दे रहे हैं। जिसके कारण चांदी को लेकर अब लोगों की धारणा बदलती चली जा रही है। चांदी में निवेश बढ़ा है। भारत में बैंकों द्वारा अप्रैल माह से चांदी गिरवी रखने पर लोन देने की व्यवस्था शुरू होने की संभावना व्यक्त की गई है। इसके लिए रिजर्व बैंक ने नियम तैयार कर लिए हैं। जो जल्द ही सभी बैंकों में लागू हो जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब सोने की तरह चांदी को भी वही स्थान मिल रहा है। डॉलर-सोना और चांदी तीनों को ही लगभग एक सा दर्जा मिल रहा है। वैश्विक व्यापार में चांदी को अब सोने और डॉलर की तरह स्वीकार किया जा रहा है। एसजे / 26 जनवरी 26