क्षेत्रीय
28-Jan-2026


नगर निगम के कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध, अवैध कॉलोनियों मे आसानी से दी जा रही अनुमति छिंदवाड़ा (ईएमएस)। नगर निगम की भवन निर्माण अनुमति प्रक्रिया इन दिनों आम नागरिकों के लिए सिरदर्द बन गई है। वैध कालोनियों में प्लाट खरीदने वाले लोग भी अपने मकान निर्माण के लिए अनुमति लेने में महीनों तक फंसे रहते हैं। पिछले कुछ दिनों से बिल्डिंग परमिशन के मामलों में लगातार अड़चनें आ रही हैं, जिससे नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि जब कोई व्यक्ति अपने प्लाट पर मकान बनवाने के लिए आर्किटेक्ट या इंजीनियर के माध्यम से प्रकरण नगर निगम में प्रस्तुत करता है, तो फाइलें अक्सर रोक दी जाती हैं। नगर निगम में पदस्थ कुछ कर्मचारियों द्वारा अतिरिक्त राशि की मांग की जा रही है। यह राशि निगम में तय शुल्क के अलावा वसूली जाती है। दावा किया जाता है कि यह अतिरिक्त राशि जमा करने के बाद ही प्रकरण आगे बढ़ता है। वहीं बताया जा रहा है कि कुछ आर्किटेक्टों की फाईलों को तत्काल आगे बढ़ाया जाता है। वहीं पिछले दिनों कुछ आर्किटेक्टों ने विरोध किया था उनकी फाईले रोक दी जा रही है। अवैध कॉलोनियों में मिल रही अनुमति नगर निगम में फैला भ्रष्टाचार किसी से छुपा नहीं है। वर्तमान में हालात यह है कि चंद पैसों की लालच में अवैध कॉलोनियों में भवन निर्माण करने वाले कर्मचारियों को भवन अनुज्ञा बड़ी आसानी से मिल जा रही है। वहीं वैध कॉलोनी जोकि शहर के बीचों बीच है। उन कॉलेनियों में भवन बनाने की अनुमति नगर निगम द्वारा नहीं दी जा रही है। भौतिक सत्यापन से सामने आ सकती है गड़बड़ी निगम से जुडे आर्किटेक्ट व इंजीनियरों ने बताया है कि यदि हाल के बिल्डिंग परमिशन प्रकरणों का भौतिक सत्यापन किया जाए, तो निगम में हो रही मनमानी और अतिरिक्त शुल्क वसूली की पूरी तस्वीर सामने आ सकती है। नगर निगम के कर्मचारियों ने कमीशन के चलते अवैध कॉलोनी में भी भवन निर्माण की अनुमति प्रदान की है। नगर निगम की लंबी प्रक्रिया और अतिरिक्त शुल्क की मांग के कारण नागरिकों के साथ-साथ आर्किटेक्ट और इंजीनियर भी परेशान हैं। कालॉेनिया वैध लेकिन रोक दी अनुमति निगम में हाल ही में पदस्थ हुए एक कर्मचारी ने कई फाईलों को होल्ड कर दिया है। पीड़ितों का कहना है कि जब हमने वैध कॉलोनी में प्लाट लिया है तो अतिरिक्त राशि क्यो दे। पीड़ितों ने बताया है कि उनके द्वारा चंदनगांव, लोनिया करबल, कुकड़ा जगत, सिवनी प्राणमोती, गुलाबरा, सिविल लाइन, पातालेश्वर जैसे स्थानों पर प्लाट लिए है। जहां पहले से ही मूलभूत सुविधाएं है। इसके बाद भी नगर निगम द्वारा भवन अनुज्ञा की अनुमति प्रदान नहीं की जा रही है। ईएमएस/मोहने/ 28 जनवरी 2026