छिंदवाड़ा (ईएमएस)। कृषि उपज मंडी में इस बार मक्का को बेचकर घाटे का सौदा कर रहे किसान और टूट रहे भाव केा लेकर आंसू बहाने की स्थिति में हैं। चार दिन बाद बुधवार को खुली मंडी में मक्का की आवक तो 40 हजार क्विंटल से ज्यादा की हुई लेकिन अधिकतम बोली 1782 रुपए क्विंटल लगी। औसत लगाए तो 600 से ज्यादा आए किसानों को औसत 1680 रुपए प्रति क्विंटल मक्का का भाव मिला है। यह दाम मक्का को बोने और उसे मंउी में लाने के कुल खर्च से भी लगभग 600 रुपए कम है। जनवरी तक मक्का का खरीदी सीजन खत्म होने को आ जाता है। ऐसे में इस मोटे अनाज के दाम बढ़ेंगे इसकी संभावना कम नजर आ रही है। बुधवार को 859 अनुबंध मक्का के कटे और परिसर में 40 हजार 832 क्विंटल मक्का की आवक हुई। 1300 रुपए से लेकर अधिकतम 1782 रुपए तक बोली पहुंची। किसानों का कहना घट सकता है रकबा पिछले दो सालों से मक्का की घटती कीमतों और सरकार द्वारा भी दामों को लेकर किसानों को भगवान भरोसे छोड़ देने की बात कहते हुए किसानों का कहना है कि अगले मक्का के सीजन में जिले में मक्का के रकबे में कमी आएगी। मोहरली क्षेत्र के निवासी किसान धनश्याम सूर्यवंशी ने बताया कि उन्होनें 15 एकड़ में मक्का लगाया था लेकिन इस बार जो हालात हुए हैं उससे अब अगले सीजन में इसका वे विकल्प तलाश रहे हैं। सरकार की तरफ से किसानों केाई राहत न मिलते देख यही बात दयालू कपाले भी कहते हैं। उनका कहना है कि कार्न सिटी कहलाने वाले छिंदवाड़ा में किसान बेहाल है। ईएमएस/मोहने/ 28 जनवरी 2026