वॉशिंगटन (ईएमएस)। अमेरिका भीषण ठंड के अभूतपूर्व दौर से गुजर रहा है। तापमान रिकॉर्ड स्तर तक गिरने के बीच सोशल मीडिया पर एक डरावनी चर्चा तेज हो गई है, जिसे ‘एक्सप्लोडिंग ट्री’ यानी पेड़ों का अचानक फटना कहा जा रहा है। सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि कड़ाके की ठंड के कारण पेड़ बम की तरह फट रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अत्यधिक ठंड में ऐसा होना पूरी तरह संभव है और इसके पीछे ठोस वैज्ञानिक कारण मौजूद हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तापमान माइनस 20 डिग्री फारेनहाइट यानी लगभग माइनस 29 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है, तब पेड़ों के भीतर मौजूद तरल पदार्थ जमने लगता है। पेड़ों के तनों में ‘सैप’ नाम का एक तरल होता है, जो पोषक तत्वों को जड़ों से पत्तियों तक पहुंचाता है। सामान्य परिस्थितियों में यह तरल अवस्था में रहता है, लेकिन अत्यधिक ठंड में यह तेजी से जमकर बर्फ में बदलने लगता है। पानी की तरह ही सैप भी जमने पर फैलता है और यही फैलाव पेड़ के अंदर जबरदस्त दबाव पैदा करता है। जब लकड़ी इस दबाव को सहन नहीं कर पाती, तो तना या मोटी शाखाएं अचानक फट जाती हैं। इस प्रक्रिया को वैज्ञानिक भाषा में ‘फ्रॉस्ट क्रैकिंग’ कहा जाता है। जब यह घटना होती है, तो उससे निकलने वाली आवाज इतनी तेज होती है कि वह बंदूक की गोली या धमाके जैसी लगती है। कई बार रात के सन्नाटे में ऐसी आवाजें सुनकर लोग घबरा जाते हैं और उन्हें फायरिंग या विस्फोट का शक होने लगता है। वन विशेषज्ञों के अनुसार यह धमाका इतना शक्तिशाली हो सकता है कि पेड़ की बड़ी टहनियां टूटकर नीचे गिर जाएं। हालांकि पूरा पेड़ एक साथ नहीं उड़ता, लेकिन उसके तने में गहरी दरारें पड़ सकती हैं और कुछ दुर्लभ मामलों में उसका बड़ा हिस्सा अलग भी हो सकता है। यह घटनाएं खासतौर पर पुराने पेड़ों या उन पेड़ों में ज्यादा देखी जाती हैं, जिनमें नमी की मात्रा अधिक होती है। फिलहाल अमेरिका के नॉर्थ डकोटा, मिनेसोटा और विस्कॉन्सिन जैसे राज्यों में रिकॉर्ड तोड़ ठंड दर्ज की जा रही है। नेशनल वेदर सर्विस ने इन इलाकों के लिए ‘लाइफ थ्रेटनिंग कोल्ड’ यानी जानलेवा ठंड की चेतावनी जारी की है। कई जगहों पर हवा के कारण महसूस होने वाला तापमान माइनस 50 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंच सकता है। इस आर्कटिक ब्लास्ट के चलते करीब 15 करोड़ लोग भीषण ठंड और बर्फीले तूफान की चपेट में आ सकते हैं। मौसम विभाग ने बताया है कि यह हालात अगले कुछ दिनों तक बने रह सकते हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे इस दौरान बड़े और पुराने पेड़ों से दूरी बनाए रखें, क्योंकि बिना किसी चेतावनी के टहनियां टूटकर गिर सकती हैं। इसके अलावा यह ठंड सिर्फ पेड़ों के लिए ही नहीं, बल्कि इंसानों के लिए भी बेहद खतरनाक है। कुछ ही मिनटों तक खुले में रहने से फ्रॉस्टबाइट का खतरा पैदा हो सकता है। सुदामा/ईएमएस 29 जनवरी 2026