अंतर्राष्ट्रीय
29-Jan-2026


-वेनेजुएला चीन, रूस और ईरान के लिए एक रणनीतिक अड्डा बना वॉशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सांसदों से कहा है कि निकोलस मादुरो के शासन के तहत वेनेजुएला पश्चिमी गोलार्ध में चीन, रूस और ईरान के लिए एक रणनीतिक अड्डा बना हुआ था। उन्होंने कहा कि बीजिंग वेनेजुएला से भारी छूट पर तेल हासिल कर अमेरिका और उसके आसपास के क्षेत्रों के बेहद करीब अपना प्रभाव बढ़ा रहा था। सीनेट की विदेश संबंध समिति की सुनवाई में रुबियो ने कहा, “हमारे ही आसपास में एक ऐसा शासन था, जिसे एक नार्को-तस्कर चला रहा था और जो दुनिया के करीब हर प्रतिस्पर्धी, विरोधी और दुश्मन देश के लिए संचालन का केंद्र बन गया था। ट्रंप सरकार में विदेश मंत्री रुबियो ने कहा कि चीन वेनेजुएला का तेल करीब 20 डॉलर प्रति बैरल की छूट पर प्राप्त कर रहा था। कई मामलों में चीन इसके लिए पैसे भी नहीं देता था, बल्कि अपने पुराने कर्ज की भरपाई के तौर पर इस्तेमाल करता था। अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने कहा, “यह वेनेजुएला की जनता का तेल है, जिसे वस्तु-विनिमय (बार्टर) के रूप में चीन को मिल रहा था उन्होंने कहा कि चीन, रूस और ईरान वेनेजुएला से अपने ऑपरेशन चला रहे थे। उन्होंने इस स्थिति को अमेरिका के लिए एक बेहद गंभीर रणनीतिक खतरा बताया। यह खतरा दुनिया के किसी दूर-दराज हिस्से में नहीं, बल्कि उसी गोलार्ध में था, जहां हम सभी रहते हैं।” रुबियो ने कहा कि मादुरो सरकार के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई का मकसद इस स्थिति को खत्म करना और फिर से रणनीतिक बढ़त हासिल करना था। यह हालात अस्वीकार्य थे और इन्हें सही करना जरूरी था।” उन्होंने कहा कि अमेरिका के नेतृत्व में वेनेजुएला में चीन की सस्ते तेल तक पहुंच में भारी कमी आई है। चीन वेनेजुएला का तेल खरीद सकता है, लेकिन अब वहीं कीमत चुकानी होगी, जो दुनिया के बाकी देश चुकाते हैं। रुबियो ने बताया कि प्रतिबंधित वेनेजुएलाई तेल से होने वाली आय अब अमेरिकी निगरानी में रहेगी। उससे मिलने वाला पैसा एक इसतरह के खाते में जमा होगा, जिस पर हमारी निगरानी होगी और उस धन का इस्तेमाल वेनेजुएला की जनता के हित में होगा। उन्होंने कहा कि पश्चिमी गोलार्ध में चीन की व्यापक रणनीति विचारधारा नहीं, बल्कि आर्थिक दबदबे पर आधारित है। उन्हें दूरसंचार में गहरी दिलचस्पी है। वे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के निर्माण और नियंत्रण में रुचि रखते हैं। उन्हें अहम खनिज संसाधनों के अधिकार चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चीनी कंपनियां अक्सर “खराब समझौतों” और कर्ज पर निर्भरता के जरिए दूसरे देशों पर अपनी पकड़ बनाती हैं। रुबियो ने दावा किया कि क्षेत्र में चीन का प्रभाव अब धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। उन्होंने पनामा के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव से बाहर निकलने और लैटिन अमेरिका में राजनीतिक बदलावों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वेनेजुएला फिर से हमारे रीजन में ईरान, रूस और चीन का खेल का मैदान न बने। आशीष दुबे / 29 जनवरी 2029