वॉशिंगटन,(ईएमएस)। चीन में उइगर मुसलमानों के हिरासत कैंप की पोल खोलने वाले चीनी नागरिक गुआन हेंग को अमेरिका में शरण मिल गई है। अमेरिकी जज ने कहा कि अगर उन्हें चीन वापस भेजा गया, तब उनके जीवन को गंभीर खतरा हो सकता है। दरअसल गुआन ने 2020 में शिनजियांग इलाके के हिरासत केंद्रों की वीडियो फुटेज तैयार की थी, जिसमें 10 लाख से अधिक उइगर और अन्य अल्पसंख्यकों को जबरदस्ती बंदी बनने और उनके साथ किए जा रहे मानवाधिकार उल्लंघनों को दिखाया गया। चीन में उइगर मुसलमानों को सरकारी नौकरी में पाबंदी, सार्वजनिक जगहों पर नमाज पढ़ने और दाढ़ी रखने जैसी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है। गुआन ने ये फुटेज यूट्यूब पर प्रकाशित करने से पहले चीन छोड़ दिया और 2021 में हांगकांग, इक्वाडोर और बहामास होकर अवैध तरीके से फ्लोरिडा पहुंचे। अमेरिका पहुंचने के बाद गुआन ने शरण का आवेदन देकर न्यूयॉर्क में बस गए। वहां उन्होंने काम किया और सामान्य जीवन बिताया। लेकिन अगस्त 2025 में उन्हें ट्रम्प प्रशासन की बड़े पैमाने पर निर्वासन कार्रवाई के तहत हिरासत में लिया गया। शुरुआत में अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी उन्हें युगांडा भेजने की योजना बना रही थी, लेकिन कानूनी अड़चनों के कारण यह टाल दी गई। न्यायाधीश चार्ल्स ओसलैंडर ने कहा कि गुआन विश्वसनीय गवाह हैं और उन्होंने शरण पाने के लिए कानूनी योग्यता साबित की है। गुआन के वकील ने कहा कि अमेरिका की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है कि इसतरह के लोगों की रक्षा करे। हालांकि फैसले के बावजूद उन्हें तुरंत रिहा नहीं किया गया, होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के पास 30 दिनों में अपील का अधिकार है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2022 में मिली पुलिस फाइलों में कैंपों के संचालन की विस्तार से जानकारी थी। इसमें हथियारबंद अधिकारियों का रूटीन, भागने वालों पर गोली चलाने का अधिकार और शारीरिक, मानसिक और यौन हिंसा जैसी कड़वी हकीकत शामिल थी। महिलाओं ने सामूहिक बलात्कार की घटनाओं की भी जानकारी दी। गुआन का मामला उइगरों के प्रति चीन के अत्याचारों को उजागर करने और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अमेरिका की शरण नीति की प्रतीक बन गया है। आशीष दुबे / 29 जनवरी 2026