अंतर्राष्ट्रीय
29-Jan-2026


काबुल (ईएमएस)। बीते दो वर्षों में अफगानिस्तान की जनसंख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचआरसी) के अनुसार दिसंबर 2023 से दिसंबर 2025 के बीच करीब 48 लाख अफगान नागरिक ईरान और पाकिस्तान से अपने देश वापस लौटे हैं। इस बड़े पैमाने पर हुई वापसी के कारण अफगानिस्तान की कुल आबादी में करीब 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यूएनएचआरसी के अफगानिस्तान प्रतिनिधि ने बताया कि केवल वर्ष 2025 में ही करीब 27 लाख अफगान नागरिक स्वदेश लौट चुके हैं। औसतन प्रतिदिन करीब 10 हजार लोग देश में प्रवेश कर रहे हैं। यह वापसी मुख्य रूप से ईरान और पाकिस्तान से हो रही है, जहां दशकों से बड़ी संख्या में अफगान शरणार्थी रह रहे थे। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष गर्मियों में इस्लाम किला सीमा पर एक ही दिन में रिकॉर्ड 70 हजार अफगान नागरिकों की वापसी दर्ज की गई थी, जो अब तक की सबसे बड़ी एकदिवसीय वापसी मानी जाती है। यूएनएचआरसी का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की अचानक वापसी से अफगानिस्तान के सामाजिक और आर्थिक ढांचे पर भारी दबाव पड़ा है। संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने स्थिति के लिए पाकिस्तान और ईरान की नीतियों को भी जिम्मेदार ठहराया है। जानकार के अनुसार, अफगान प्रवासियों को जबरन निकाला जा रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय मानवीय मानकों के विरुद्ध है। इससे पहले से आर्थिक संकट, बेरोजगारी, खाद्य असुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की कमी झेल रहे अफगानिस्तान की समस्याएं और गंभीर हो गई हैं। यूएनएचआरसी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और दाता देशों से अपील की है कि वे लौट रहे शरणार्थियों के पुनर्वास, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए सहायता बढ़ाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तब यह स्थिति एक बड़े मानवीय संकट का रूप ले सकती है। आशीष दुबे / 29 जनवरी 2026