वॉशिंगटन (ईएमएस)। वेनेजुएला की अंतरिम सरकार अब हर महीने अमेरिका को अपने बजट का हिसाब देगी। इसका मतलब है कि वेनेजुएला बताएगा कि तेल बेचकर प्राप्त धनराशि को वे कहां और कैसे खर्च करेगा। इसके बदले में अमेरिका वेनेजुएला को उस महीने के लिए तेल बिक्री से हुए पैसे जारी करेगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि शुरुआत में यह पैसा कतर के जरिए ही वेनेजुएला तक पहुंचेगा। डेमोक्रेट सांसदों ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जाहिर की हैं, क्योंकि वे सवाल कर रहे हैं कि कतर, जो वेनेजुएला से हजारों किलोमीटर दूर है, पैसे को कानूनी और पारदर्शी तरीके से कैसे संभालेगा। उन्होंने कहा कि कतर के शासक को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का करीबी माना जाता है, इसलिए शक और बढ़ता है। रुबियो ने स्पष्ट किया कि यह कदम अमेरिकी प्रतिबंधों और कानूनी जटिलताओं के चलते जरूरी है। रुबियो ने वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह कोई “एक्ट ऑफ वॉर” नहीं था, बल्कि एक रणनीति के तहत की गई कार्रवाई थी। उन्होंने बताया कि अमेरिका का उद्देश्य वेनेजुएला को गृह युद्ध से बचाना और देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर करना है। इसके तहत तेल उद्योग को फिर से चालू और मजबूत करना भी शामिल है। सुनवाई के दौरान डेमोक्रेटिक सीनेटर जीन शाहीन ने ऑपरेशन के खर्च पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सैन्य कार्रवाई और समुद्री नाकेबंदी पर करीब 1 अरब डॉलर खर्च हो सकता है और आम नागरिकों के सामने महंगाई और रोजमर्रा की दिक्कतों के बीच यह खर्च क्यों जरूरी है, यह जनता जानना चाहती है। रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल ने भी पूछा कि क्या यह युद्ध जैसी कार्रवाई है, लेकिन रुबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी बड़े सैन्य कदम की योजना नहीं बना रहा, हालांकि जरूरत पड़ने पर अपने हितों की रक्षा से पीछे नहीं हटेगा। रुबियो ने कहा कि अमेरिकी नीतियों का उद्देश्य केवल वेनेजुएला में लोकतंत्र और स्थिरता को बढ़ावा देना है। तेल बिक्री से मिले पैसे के नियंत्रण के लिए कतर को जिम्मेदारी देना और सरकार से मासिक रिपोर्ट मांगना इस रणनीति का हिस्सा है। इस तरह, अमेरिका वेनेजुएला की आर्थिक गतिविधियों पर नजर रखेगा, जबकि किसी बड़े सैन्य हस्तक्षेप की संभावना फिलहाल कम बताई गई है। आशीष दुबे / 29 जनवरी 2026