31 जनवरी को अवंती पार्श्वनाथ तीर्थ में होगा ध्वजारोहण महोत्सव 1 फरवरी 2026 को विचक्षण भवन में जीने की कला पर सत्संग-प्रवचन उज्जैन (ईएमएस)। राष्ट्र-संत महोपाध्याय श्री ललितप्रभ सागर जी महाराज एवं डॉ मुनि श्री शांतिप्रिय सागर जी महाराज का 31 जनवरी शनिवार को उज्जैन में भव्य नगर-प्रवेश होगा। राष्ट्र-संत श्री दो दिवसीय प्रवास पर उज्जैन आ रहे हैं उनके पावन सानिध्य में 31 जनवरी को प्रातः 9 से 12:बजे तक अवंती पार्श्वनाथ तीर्थ में सप्तम ध्वजारोहण महोत्सव आयोजित होगा एवं 1 फरवरी रविवार को सुबह 9 से 11:तक विचक्षण भवन शांतिनाथ मंदिर, शांतिनाथ गली, छोटा सराफा में जीने की कला पर सत्संग-प्रवचन का आयोजन होगा। संतगण इस सत्संगमाला के जरिए जन-मानस को जीवन-निर्माण तथा व्यक्तित्व-विकास के बेहतरीन गुर सिखाएंगे। राष्ट्र-संतों की दिव्य साधना, ओजस्वी वाणी और महान चिंतन उनकी सैकड़ों किताबों और हजारों प्रवचनों के जरिए पूरे देश में फैला हुआ है। संघ के अध्यक्ष अशोक कोठारी ने बताया कि अब तक देश के 20 राज्यों के लाखों लोग इन राष्ट्र-संतों के प्रभावी प्रवचनों का लाभ उठा चुके हैं। सर्वधर्म सद्भाव से जुड़े इन राष्ट्र-संतों के प्रवचनों में छत्तीस कौम की जनता उमड़ती है और ये हर विषय पर प्रवचन देते हैं। राष्ट्र संत के हैदराबाद के नुमाइश मैदान में ऐतिहासिक चातुर्मास पूरा करने के बाद राजस्थान की ओर जा रहे हैं इस बीच में 2 दिवसीय प्रवास पर उज्जैन आ रहे हैं। श्री अवंती पार्श्वनाथ तीर्थ जैन श्वेतांबर मारवाड़ी मूर्तिपूजक समाज ट्रस्ट ने बताया कि राष्ट्र-संत जितना मिठास से जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं उतना ही अपने जीवन में प्रेम और मिठास को घोले रखते हैं। पूरे देशभर में लगभग 50 हजार किलोमीटर की पदयात्रा कर चुके इन राष्ट्र-संतों की संस्कार-निर्माण, व्यक्तित्व-विकास और जीवन-मूल्यों पर दी गई प्रेरणाएँ जनमानस में नई ऊर्जा का संचार करती हैं। अपनी प्रभावी प्रवचन शैली के लिए पूरे देश भर में लोकप्रिय इन राष्ट्र-संतों के जीवन और व्यवहार में धार्मिक समरसता की अद्भुत शक्ति है। देशभर में छत्तीस कौम के लोग इन संतों से जुड़े हुए हैं। रविवार को होने वाले प्रवचन में राष्ट्र-संत जीवन-निर्माण, व्यक्तित्व-निर्माण, स्वास्थ्य-सुधार, पारिवारिक प्रेम, केरियर, धर्म, अध्यात्म, ध्यान योग और समाज-निर्माण से जुड़े बिंदुओं पर प्रवचन देंगे। यह प्रवचन कार्यक्रम जीवन जीने की कला सीखने के लिए, व्यक्तित्व और करियर का निर्माण करने के लिए, जिंदगी में आरोग्य, आनंद, प्रेम और शांति लाने के लिए, परिवार और रिश्तों में संस्कारों का संचार करने के लिए यह प्रवचन सभी के लिए वरदान बनेगा। क्रोध, अहंकार, मानसिक चिंता और तनाव को जिंदगी से भगाने के लिए इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। जिन राष्ट्र संतों को सोशल मीडिया पर 70 करोड़ से अधिक लोग देख और सुन चुके हैं उन्हें लाइव सुनने का ये सुनहरा अवसर आया है।राष्ट्र-संतों के उज्जैन आगमन पर उनकी भव्य अगवानी की जाएगी। इस अवसर पर 31 जनवरी को समय सुबह 9 बजे भव्य स्वागत होगा। इस दौरान श्रावक-श्राविका- नवयुवक- बाल गोपाल अधिक से अधिक संख्या में शामिल होंगे, मार्ग में महापुरुषों के स्वागत मंच लगाए जाएंगे, बहने लाल चुनरी में एवं भाई श्वेत वस्त्र, पारंपरिक वेशभूषा में सम्मिलित होंगे। रविवार को राष्ट्र-संतों के नागरिक अभिनंदन के साथ ज्ञानगंगा एवं सत्संग प्रारंभ होगा जिसमें जीवन को कैसे स्वर्ग बनाएं विषय पर सार्वजनिक प्रवचन होगा। इस कार्यक्रम में समस्त जैन समाज के साथ समस्त राजस्थानी समाज, गुजराती समाज, मारवाड़ी समाज के सभी श्रद्धालु भाई-बहन भाग लेंगे। ट्रस्ट ने उज्जैन के समस्त भाई बहनों को समारोह में भाग लेने के लिए सादर आमंत्रित किया है। /ईएमएस / 29/01/2026