:: नैट्रैक्स के 40 किमी लंबे चुनौतीपूर्ण ट्रैक पर दौड़ेगी देश-विदेश की 50 टीमें, मप्र टूरिज्म के सहयोग से ऐतिहासिक आयोजन :: इंदौर (ईएमएस)। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के नाम आज से एक और उपलब्धि जुड़ने जा रही है। पीथमपुर स्थित एशिया के सबसे बड़े ऑटोमोटिव टेस्ट ट्रैक (नैट्रैक्स) में आज से तीन दिवसीय इंडियन नेशनल रैली चैम्पियनशिप (आईएनआरसी) का आगाज होने जा रहा है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से आयोजित रैली ऑफ द हाइलैंड्स के माध्यम से इंदौर पहली बार देश के सबसे प्रतिष्ठित मोटर स्पोर्ट्स इवेंट का साक्षी बनेगा। 30 जनवरी से 1 फरवरी तक चलने वाले इस महाकुंभ में रफ्तार और रोमांच का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। :: विदेशी ड्राइवरों की मौजूदगी बढ़ाएगी चमक :: आईएनआरसी इंदौर राउंड 2026 के आयोजक व अंजनी एडवेंचर्स के संस्थापक निलेश कुमरावत ने बताया कि इस चैम्पियनशिप में देश के विभिन्न राज्यों के मोटर स्पोर्ट्स क्लबों का प्रतिनिधित्व करने वाली 40 से 50 शीर्ष टीमें शिरकत कर रही हैं। खास बात यह है कि इस बार न केवल भारतीय बल्कि विदेशी ड्राइवर्स भी अपने विशेष पंजीकृत रैली वाहनों के साथ ट्रैक पर धूल उड़ाते नजर आएंगे। :: रैली एट ए ग्लेंस :: ● ट्रैक की लंबाई : 40 किलोमीटर (सबसे लंबा प्रतिस्पर्धात्मक ट्रैक) ● प्रतिभागी : देश-विदेश की 50 से अधिक टीमें। ● सुरक्षा : रियल टाइम ट्रैकिंग और फायर सेफ्टी यूनिट्स तैनात। ● प्रमुख सहयोगी : ब्लू बैंड स्पोर्ट्स, एमआरएफ टायर्स एवं मप्र टूरिज्म। :: तकनीकी रूप से सबसे कठिन ट्रैक तैयार :: मध्य भारत के मोटर स्पोर्ट्स इतिहास में यह आयोजन एक मील का पत्थर माना जा रहा है। पीथमपुर में इस इवेंट के लिए विशेष रूप से 40 किलोमीटर लंबा ट्रैक विकसित किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह ट्रैक तकनीकी रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण है, जो ड्राइवरों के कौशल और वाहनों की क्षमता की असली परीक्षा लेगा। फेडरेशन ऑफ मोटर स्पोर्ट्स क्लब्स ऑफ इंडिया (एफएमएससीआई) के तत्वावधान में आयोजित यह चैम्पियनशिप सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। :: सुरक्षा का अभेद्य घेरा :: आयोजन को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मैदान पर मेडिकल टीमें, एंबुलेंस, रेस्क्यू वाहन और उन्नत फायर सेफ्टी यूनिट्स मुस्तैद रहेंगी। अत्याधुनिक टाइमिंग और जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए रेस कंट्रोल रूम से हर वाहन की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। प्रकाश/29 जनवरी 2026