:: रिटायरमेंट आय बढ़ाने के लिए प्रॉफ़िट-बेस्ड टैक्स और स्टैंडर्ड डिडक्शन का प्रस्ताव :: मुंबई/इंदौर (ईएमएस)। लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल की इंश्योरेंस अवेयरनेस कमेटी (आईएसी) के को-चेयरपर्सन वेंकी अय्यर ने पेंशनधारकों को बड़ी राहत देने की वकालत करते हुए मौजूदा कर व्यवस्था में बदलाव की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पेंशन भोगियों पर टैक्स का बोझ तुलनात्मक रूप से अधिक है, जिसे अन्य फिक्स्ड-इंटरेस्ट (निश्चित ब्याज) वाले निवेश साधनों के अनुरूप बनाना आवश्यक है। वेंकी अय्यर के अनुसार, पेंशन पर टैक्स की व्यवस्था को मुनाफे आधारित बनाया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कराधान केवल अर्जित ब्याज या मुनाफे पर ही लागू होना चाहिए, न कि पेंशन की पूरी राशि पर। इस बदलाव से रिटायरमेंट के बाद वरिष्ठ नागरिकों के पास उपलब्ध होने वाली शुद्ध आय में वृद्धि होगी, जिससे उन्हें महंगाई के दौर में बेहतर जीवन स्तर बनाए रखने में मदद मिलेगी। काउंसिल ने एक महत्वपूर्ण तकनीकी विसंगति की ओर इशारा करते हुए सुझाव दिया कि जो पेंशनधारक अपनी संचित राशि को कम्यूट (एकमुश्त निकासी) नहीं करते हैं, उन्हें अनिवार्य रूप से स्टैंडर्ड डिडक्शन की सुविधा दी जानी चाहिए। अय्यर ने तर्क दिया कि यह कदम सभी श्रेणी के पेंशनधारकों के बीच कर समानता सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है। अय्यर का मानना है कि यदि केंद्र सरकार इन सुझावों को आगामी नीतियों में शामिल करती है, तो इससे न केवल पेंशनधारकों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि देश में जीवन बीमा के माध्यम से की जाने वाली लंबी अवधि की बचत को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने इसे भारत के सामाजिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर करार दिया। प्रकाश/29 जनवरी 2026