प्रयागराज (ईएमएस)। माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके बटुक शिष्यों के साथ हुई कथित मारपीट का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष पहुंच गया है। इस संबंध में अधिवक्ता गौरव द्विवेदी की ओर से हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को याचिका पत्र भेजा गया है। याचिका पत्र में आरोप लगाया गया है कि माघ मेले के दौरान धार्मिक अनुष्ठान में बाधा डाली गई और शंकराचार्य की पालकी को पुलिस ने जबरन रोक दिया। साथ ही बटुक शिष्यों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और नाबालिग बटुकों को हिरासत में लेकर उनके साथ मारपीट की गई। नाबालिग बटुकों को हिरासत में लेना और उनके साथ मारपीट किया जाना किशोर न्याय अधिनियम 2015 के प्रावधानों के विपरीत बताया गया है। याचिका पत्र में कहा गया कि संगम तट पर आयोजित माघ मेले में हुई यह घटना धार्मिक परंपराओं के उल्लंघन का गंभीर मामला है। साथ ही संविधान के तहत प्राप्त मौलिक अधिकारों का भी हनन हुआ है। अधिवक्ता ने प्रकरण की निष्पक्ष जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराए जाने, दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उन्हें निलंबित किए जाने की मांग की है। जितेन्द्र 29 जनवरी 2029