मैड्रिड (ईएमएस) । 6 साल चूहों पर रिसर्च के बाद स्पेन के वैज्ञानिकों ने पैंक्रियाटिक कैंसर का इलाज खोजने का दावा किया है। रिसर्च में उन्होंने तीन दवाओं (जेमसिटाबीन, ऑल-ट्रांस रेटिनोइक एसिड (ATRA) और नेराटिनिब) को मिलाकर एक नई थेरेपी तैयार की, जिससे पैंक्रियाज का ट्यूमर पूरी तरह खत्म हो गया। इलाज के बाद चूहों में कैंसर दोबारा नहीं लौटा। पैंक्रियाटिक कैंसर को सबसे खतरनाक कैंसरों में माना जाता है, क्योंकि इसके लक्षण बहुत देर से सामने आते हैं। ज्यादातर मामलों में बीमारी तब पकड़ में आती है, जब वह काफी बढ़ चुकी होती है। इसी वजह से इसके सिर्फ 10% मरीज ही 5 साल तक जिंदा रह पाते हैं। एपल के सीईओ स्टीव जॉब्स की 2011 में इसी के कारण मौत हो गई थी। वैज्ञानिकों के अनुसार, इससे कैंसर सेल्स खुद को बदल नहीं पाईं और इलाज असरदार साबित हुआ। रिसर्च के अनुसार, ये तीनों दवाएं मिलकर कैंसर पर अलग-अलग तरीकों से हमला करती हैं। जेमसिटाबीन तेजी से बढ़ने वाली कैंसर सेल्स को मारती हैं। ATRA ट्यूमर के चारों ओर बनी सुरक्षात्मक परत को कमजोर करती है। नेराटिनिब उन सिगनल्स को रोकती है, जिनसे ट्यूमर को बढ़ने की ताकत मिलती है। ईएमएस/29जनवरी2026