30-Jan-2026
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- फेसबुक और एक्स पर पोस्ट करना कर्मचारियों को महंगा पड़ेगा मुंबई, (ईएमएस)। महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी एक सर्कुलर में साफ आदेश दिया गया है कि राज्य सरकार के कर्मचारी अपने पर्सनल सोशल मीडिया अकाउंट पर यूनिफॉर्म में फोटो, ऑफिस के लोगो, पदनाम, या सरकारी संपत्ति की फोटो या वीडियो पोस्ट नहीं कर पाएंगे। सर्कुलर में सोशल मीडिया के इस्तेमाल के बारे में विस्तृत में गाइडलाइंस दी गई हैं, और यह साफ किया गया है कि अगर कोई कर्मचारी न सिर्फ महाराष्ट्र सरकार, बल्कि केंद्र सरकार या किसी अन्य राज्य सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर नेगेटिव कमेंट करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सर्कुलर में राज्य सरकार के कर्मचारियों को सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय जिम्मेदारी से और सावधानी से काम करने की सलाह दी गई है। राज्य सरकार के विभागों, स्थानीय स्व-सरकारी निकायों, निगमों और सार्वजनिक उपक्रमों से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी केंद्र या राज्य सरकार द्वारा बैन किए गए किसी भी ऐप का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उन्हें अपने पर्सनल और ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट अलग-अलग रखने चाहिए। अगर वे राज्य सरकार की योजनाओं या फैसलों को बढ़ावा देना चाहते हैं, तो वे ऐसा संबंधित विभाग के सक्षम अधिकारी की अनुमति से ही कर सकते हैं। सर्कुलर में साफ किया गया है कि वॉट्सऐप और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल संपर्क और कोऑर्डिनेशन के लिए ऑफिशियल काम के लिए किया जा सकता है। वे राज्य विभाग के किसी सफल कार्यक्रम के लिए टीम के प्रयासों के बारे में लिख सकते हैं, लेकिन वे खुद को बढ़ावा देने की कोशिश नहीं कर सकते। किसी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए किए गए खास प्रयासों के बारे में जानकारी दी जा सकती है, लेकिन इसका इस्तेमाल पर्सनल पब्लिसिटी के लिए नहीं किया जा सकता। आज के डिजिटल युग में, जानकारी के आदान-प्रदान, कोऑर्डिनेशन और कम्युनिकेशन, और लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। * गाइडलाइंस का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई राज्य सरकार के कर्मचारी कोई भी आपत्तिजनक, नफरत फैलाने वाला या बांटने वाला कंटेंट फॉरवर्ड, शेयर या अपलोड नहीं करेंगे। बिना अनुमति के कोई भी सरकारी दस्तावेज, पूरा या आंशिक रूप से, शेयर या फॉरवर्ड नहीं किया जा सकता। सर्कुलर में चेतावनी दी गई है कि गाइडलाइंस का उल्लंघन करने पर महाराष्ट्र सिविल सेवा नियम, 1979 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। संजय/संतोष झा- ३० जनवरी/२०२६/ईएमएस