30-Jan-2026
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- भाजपा सरकार का मकसद ही भ्रष्टाचार भोपाल(ईएमएस)। मध्यप्रदेश की भाजपा की मोहन यादव सरकार एक ओर सरकारी स्कूलों को बंद कर आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है, वहीँ दूसरी ओर भ्रष्टाचार के नए- नए तरीके निकाल रही है I यह भ्रष्टाचार अधिकारी ही नहीं कर रहे हैं बल्कि राजनीतिक संरक्षण और विभागीय मंत्रियों के निर्देशन में हो रहा है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि एक ओर इस सरकार ने 32,844 स्कूलों पर ताले लगा दिए हैं, वहीँ दूसरी बेशर्मी की सारी हदों को पार कर डिजिटल क्लास के लिए दूसरे राज्यों से दुगने दामों पर उपकरण खरीदे जा रहे हैं। माकपा नेता ने कहा है कि डिजिटल क्लास के लिए दूसरे राज्यों ने जो इंटरेक्टिव पैनल 70 हज़ार रुपये में खरीदा है, उसे मध्यप्रदेश सरकार 1.33 लाख रुपए में खरीद रही है। उल्लेखनीय है कि पहले यह पैनल जिला स्तर पर 99 हजार रुपये से 1.10 लाख रुपए में खरीदा जा रहा था। स्कूली शिक्षा मंत्री ने महंगे इंटरेक्टिव पैनल खरीदने की आपत्ति लगा कर इस खरीदी पर रोक लगवा दी थी। अब केंद्रीय स्तर पर 10149 कक्षाओं के लिए खरीदे जाने वाले इंटरेक्टिव पैनल 1.14 लाख रुपए में खरीद कर, उसी कम्पनी से प्रति पैनल 19 हजार रुपये का मेंटीनेंस चार्ज लगा कर 1.33 लाख रुपए की दर से भुगतान किया जा रहा है। इससे साफ है कि इस भ्रष्टाचार का बटवारा उच्च स्तर पर हुआ है। जसविंदर सिंह ने कहा है कि भ्रष्टाचार करने के लिए ही 70 हजार रुपये में इंटरेक्टिव पैनल देने वाली कम्पनी को सूची से ही बाहर कर दिया गया था। जबकि एसर कंपनी असम सहित अन्य राज्यों को 70 हजार रुपये में यही पैनल सप्लाई कर चुकी है। इससे जाहिर होता है कि भाजपा सरकार का मकसद ही प्रदेश की जनता की खून पसीने की कमाई को लूटना है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने इस भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है I