30-Jan-2026
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- व्यापारियों के हितो के लिए संगठन बनेगा आवाज भोपाल (ईएमएस)। चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज भोपाल के आगामी चुनाव को लेकर अध्यक्ष पद के प्रत्याशी गोविंद गोयल ने अपना विस्तृत विज़न डॉक्यूमेंट जारी किया है। गोयल ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल संगठन चलाना नहीं, बल्कि भोपाल को व्यापार और उद्योग का एक मज़बूत, आधुनिक और राष्ट्रीय पहचान वाला केंद्र बनाना है। प्रेस वार्ता में गोयल ने कहा कि चैंबर को व्यापारियों की समस्याओं की आवाज़ बनाकर सरकार और प्रशासन के साथ प्रभावी संवाद स्थापित किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि उनकी टीम का फोकस स्थायी समाधान, डिजिटल सुविधाएं और व्यापारिक माहौल को आसान बनाने पर रहेगा। व्यापारियों के लिए प्रमुख वादे और योजनाएं गोविंद गोयल ने बताया कि उनके नेतृत्व में चैंबर को पूरी तरह डिजिटल किया जाएगा, ताकि छोटे, मध्यम और बड़े सभी व्यापारियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर सुविधाएं मिल सकें। नियमित नेटवर्किंग मीट, बिज़नेस-टू-बिज़नेस (क्च2क्च) मीटिंग और उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने पुराने शहर और प्रमुख बाजारों में मल्टी-लेवल पार्किंग और लॉजिस्टिक हब विकसित करने का प्रस्ताव रखा, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। भोपाल को टेक्सटाइल और लॉजिस्टिक हब बनाने का लक्ष्य गोयल ने बैरागढ़ को मध्यप्रदेश की टेक्सटाइल कैपिटलÓ के रूप में विकसित करने की योजना बनाने की बात कही है। इसमें सड़क, पार्किंग, लोडिंग-अनलोडिंग ज़ोन और वेयरहाउस जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने मल्टीनेशनल कंपनियों और बड़े उद्योगों को आकर्षित करने के लिए भोपाल को राष्ट्रीय स्तर का लॉजिस्टिक और वेयरहाउसिंग हब बनाने की दिशा में काम करने की बात कही। एमएसएमई , स्टार्टअप और युवाओं पर फोकस गोयल ने कहा कि भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में सेक्टर-स्पेसिफिक क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, जिससे एमएसएमई, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स और स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। व्यापारियों के लिए पूंजी और टैक्स जागरूकता चैंबर के माध्यम से व्यापारियों को शेयर बाजार, एसएमई आईपीओ जीएसटी, इनकम टैक्स और प्राइवेट इक्विटी जैसे विषयों पर सेमिनार और वर्कशॉप के ज़रिए जागरूक किया जाएगा, ताकि वे अपने व्यवसाय को आधुनिक वित्तीय संसाधनों से जोड़ सकें। पुराने कार्यों का भी किया उल्लेख गोयल ने बताया कि पूर्व में उन्होंने ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों, रियल एस्टेट सेक्टर और छोटे व्यापारियों से जुड़े कई मामलों में प्रशासन और सरकार से समन्वय कर समस्याओं का समाधान कराया। अवैध वसूली, एक्साइज ड्यूटी और ट्रेनिंग के नाम पर की जा रही जबरन वसूली जैसे मुद्दों पर भी उन्होंने हस्तक्षेप किया। चैंबर की सदस्य संख्या एवं महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी गोविंद गोयल ने कहा कि चैंबर की सदस्य संख्या 10 हजार से अधिक तक बढ़ाई जाएगी, महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और कोर मेंबर्स की संख्या 10 से बढ़ाकर 25 की जाएगी, ताकि हर बाजार और व्यापार क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिल सके।