शाजापुर (ईएमएस)। शहर की धरा भक्ति, शक्ति और सामाजिक समरसता के त्रिवेणी संगम में डूबी नजर आई। अवसर था रविवार को परम ज्ञानी, संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती का। सर्व हितार्थ सर्व कल्याण श्री रविदास सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित भव्य समारोह ने शहर के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। सुबह से ही शहर के फिजाओं में जय गुरुदेव और संत रविदास अमर रहे के गगनभेदी जयकारे गूंजते रहे। शहर मंे निकली भव्य शोभायात्रा जयंती पर शहर के प्रमुख मार्गों से एक ऐतिहासिक शोभायात्रा निकाली गई। यह महज एक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था का महाकुंभ था। हाथों में नीला ध्वज थामे युवा और भजनों की धुन पर थिरकते श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। नगरवासियों ने जगह-जगह मंच लगाकर और पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का ऐसा स्वागत किया, मानो पूरा शहर बाराती बन गया हो। प्रशासन और आयोजन समिति के तालमेल से पूरी व्यवस्था चाक-चौबंद रही। टुुकराना जोड़ पर महाआरती और भंडारा जिला मुख्यालय से करीब तीन किमी दूर टुकराना जोड़ स्थित संत रविदास मंदिर पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात विशाल महाप्रसादी (भंडारा) का आयोजन हुआ, जिसमें समाज के हर वर्ग के लोगों ने भेद-भाव भुलाकर एक साथ प्रसादी ग्रहण की, जो संत रविदास जी के समानता के संदेश का जीवंत उदाहरण था। इस अवसर पर उज्जैन से आए महंत गोवर्धन लाल, राधेश्याम मंडोर, नगजीराम पंडा जी, किशोर सोनी, जयराम पटेल (बलिया), सोहनलाल, श्रीराम परमार, गोरेलाल गंगवाल, देवनारायण, कालूराम सहित श्रद्धालु उपस्थित थे। ईएमएस / 01 फरवरी 2026