ज़रा हटके
02-Feb-2026
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वॉशिंगटन (ईएमएस)। आपको कई ऐसे लोग मिल जाएंगे जो खाना तो सीमित मात्रा में लेते हैं, लेकिन उनका वजन अपेक्षा से ज्यादा होता है। कई मामलों में तो सिर्फ पेट ही बाहर निकला हुआ दिखता है, जबकि हाथ, पैर और चेहरा पतले रहते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों होता है । स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह बात काफी हद तक सही है। बहुत कम खाने से शरीर फैट बर्न करने के बजाय ‘सर्वाइवल मोड’ में चला जाता है। शरीर को जब यह संकेत मिलता है कि भोजन की आपूर्ति कम हो गई है, तो वह इसे खतरे की स्थिति मान लेता है। ऐसी स्थिति में शरीर भविष्य के लिए ज्यादा से ज्यादा फैट स्टोर करने लगता है, ताकि जरूरत पड़ने पर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जा सके। यही वजह है कि कम खाने के बावजूद पेट की चर्बी बढ़ने लगती है। जब शरीर सर्वाइवल मोड में जाता है, तो मेटाबॉलिज्म भी धीमा पड़ जाता है। कम कैलोरी मिलने पर शरीर ऊर्जा बचाने की कोशिश करता है और कैलोरी बर्न की प्रक्रिया को स्लो कर देता है। इसके साथ ही तनाव हार्मोन कॉर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है। बढ़ा हुआ कॉर्टिसोल खासतौर पर लोअर बैली फैट को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। इसी कारण कई लोगों के हाथ-पैर और चेहरा तो पतले रहते हैं, लेकिन पेट के आसपास चर्बी जमा हो जाती है। बहुत कम खाने या लंबे समय तक भूखे रहने का एक और बड़ा नुकसान मसल लॉस है। कई लोग तेजी से वजन घटाने के चक्कर में खाना छोड़ देते हैं या बहुत कम खाने लगते हैं। इससे शरीर फैट की बजाय मसल्स को तोड़कर ऊर्जा लेने लगता है। मसल्स कम होने से शरीर की शेप बिगड़ने लगती है और पेट और ज्यादा उभरा हुआ नजर आने लगता है। मसल्स कम होने का मतलब यह भी है कि शरीर कम कैलोरी बर्न करता है, जिससे फैट लॉस और भी मुश्किल हो जाता है। जानकारों के मुताबिक, वजन घटाने का सही तरीका भूखे रहना नहीं है। न ही रोटी-चावल पूरी तरह छोड़ देने से कोई स्थायी फायदा होता है। वेट लॉस एक लंबी प्रक्रिया है, जिसमें धैर्य और सही रणनीति की जरूरत होती है। इसके लिए बैलेंस्ड डाइट सबसे जरूरी है। रोजाना के भोजन में पर्याप्त प्रोटीन और फाइबर शामिल करना चाहिए, ताकि मसल्स सुरक्षित रहें और पेट लंबे समय तक भरा महसूस हो। इसके साथ ही फिजिकल एक्टिविटी को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना बेहद जरूरी है। नियमित वॉक, एक्सरसाइज या योग से मेटाबॉलिज्म एक्टिव रहता है और शरीर फैट को सही तरीके से बर्न करता है। सुदामा/ईएमएस 02 फरवरी 2026