-पहली बार सरकारी स्तर पर ‘पैरानॉर्मल एक्टिविटी’ को रोकने झाड़ फूंक का सहारा लिया लंदन,(ईएमएस)। इंग्लैंड के एक सरकारी अस्पताल में ‘लाल ड्रेस वाली भूतनी’ का आतंक इतना बढ़ गया कि प्रशासन को मजबूरन झाड़-फूक करने वालों की टीम बुलानी पड़ी। स्टाफ का कहना है कि उन्होंने वार्डों में एक छोटी बच्ची को लाल कपड़ों में घूमते देखा। यह घटना अब पूरे ब्रिटेन में चर्चा का विषय बनी हुई है क्योंकि पहली बार सरकारी स्तर पर ‘पैरानॉर्मल एक्टिविटी’ को रोकने के लिए झाड़ फूंक का सहारा लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह पूरा मामला नॉरफ़ॉक कम्युनिटी हेल्थ एंड केयर ट्रस्ट के ‘प्रिसिला बेकन लॉज’ का है। यह जगह उन मरीजों के लिए थी जो अपनी जिंदगी के आखिरी दिन गिन रहे होते हैं। रिपोर्टे में स्टाफ ने बताया कि अस्पताल के गलियारों में अक्सर एक छोटी बच्ची दिखाई देती है जिसने सुर्ख लाल रंग की ड्रेस पहनी होती है। कुछ लोगों का मानना है कि यह उसी अस्पताल के पुराने हिस्से की किसी मरीज की रूह है, जिसकी मौत 1970 के दशक में हुई थी। कर्मचारी इस कदर डर गए थे कि उन्होंने अकेले ड्यूटी करने से मना कर दिया था। हॉस्पिटल में बढ़ती डरावनी घटनाओं के बाद प्रशासन ने यानी भूत भगाने वाले विशेषज्ञों से मदद मांगी। लीक हुए ईमेल से पता चला है कि अस्पताल के पादरी ने बकायदा चर्च से संपर्क किया और ‘पवित्र तेल’ मंगवाया। स्टाफ और मरीजों के बीच शांति बनाए रखने के लिए एक विशेष धार्मिक सर्विस आयोजित की गई। हालांकि ट्रस्ट ने इस बात से इनकार किया है कि कोई तांत्रिक मौके पर आया था, लेकिन उन्होंने यह स्वीकार किया कि इमारत को ‘आशीर्वाद’ देने और नकारात्मक ऊर्जा हटाने के लिए अनुष्ठान जरूर हुआ था। इंग्लैंड में चर्च ऑफ इंग्लैंड के पास करीब 40 ऐसे ‘डिलिवरेंस मिनिस्टर्स’ हैं जिनका काम ही बुरी आत्माओं या साये से जगहों को मुक्त कराना है। दिलचस्प बात यह है कि 1974 के बाद से नियम काफी कड़े कर दिए गए हैं। किसी भी जगह पर भूत भगाने की प्रक्रिया तब तक शुरू नहीं की जा सकती, जब तक कि किसी मेडिकल प्रोफेशनल या डॉक्टर से सलाह न ली गई हो। यह नियम इसलिए बनाया गया था ताकि मानसिक बीमारी और पैरानॉर्मल घटनाओं के बीच फर्क समझा जा सके, जिस जगह पर यह रूह देखी जा रही है, वहां 1975 तक बच्चों का अस्पताल हुआ करता था। पैरानॉर्मल एक्सपर्ट्स का मानना है कि अस्पतालों में अक्सर पुरानी ऊर्जाएं रह जाती हैं। 2023 के अंत में इस पुराने लॉज को खाली कर दिया गया और नए परिसर में शिफ्ट कर दिया गया था, जिसका उद्घाटन खुद किंग चार्ल्स ने किया था। पुराने परिसर को फिलहाल बंद कर दिया गया है, लेकिन वहां काम करने वाले स्टाफ के मन में आज भी ‘लाल कपड़ों वाली लड़की’ की दहशत बनी हुई है सोचकर उनकी रुह कांप जाती है। सिराज/ईएमएस 02 फरवरी 2026