- 3-4 वाहन जले पुलिस ने 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार गरियाबंद(ईएमएस)। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के दुतकैया गांव में पुरानी दुश्मनी और अपराधी तत्वों की सक्रियता के चलते दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हुई। घटना में आगजनी की कई घटनाएं सामने आईं, जिसमें कम से कम 11 घरों को आग के हवाले कर दिया गया और 3-4 वाहनों को भी जला दिया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी अरिफ और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया गया है। जानकारी के अनुसार, दुतकैया गांव (जिला मुख्यालय से करीब 45 किमी दूर) में अरिफ (एक सीरियल अपराधी) और उसके दो साथियों ने रविवार को कुछ ग्रामीणों पर हथियारों से हमला कर दिया। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने अरिफ और उसके साथियों के घरों को घेर लिया। सैकड़ों की संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने पथराव किया और घरों में आग लगा दी। इस दौरान पुलिस पहुंची तो ग्रामीणों ने पुलिस पर भी पथराव किया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस अधीक्षक गरियाबंद वेदव्रत सिरमौर ने बताया, “दुतकैया गांव में सीरियल अपराधी अरिफ ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर कुछ लोगों पर हमला किया। इससे गांव वाले गुस्से में आ गए और उन्होंने अरिफ व उसके साथियों के घरों को घेरकर आग लगा दी। अरिफ और उसके दोनों साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पथराव से कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। अब स्थिति सामान्य है। पुलिस के अनुसार, अरिफ और उसके साथी लंबे समय से क्षेत्र में लूटपाट, मारपीट, धमकी और अन्य अपराधों में शामिल रहे हैं। चार महीने पहले उनके द्वारा की गई लूट और हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। तीन महीने पहले उन्होंने एक शिव मंदिर में तोड़फोड़ की थी, जिसके बाद गिरफ्तार किए गए लेकिन जमानत पर रिहा हो गए थे। इन घटनाओं से ग्रामीणों में पहले से ही भारी असंतोष था। रविवार का हमला आखिरी कड़ी साबित हुआ, जिसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा और घटना सांप्रदायिक रंग ले ली। प्रशासन ने रायपुर से अतिरिक्त पुलिस बल मंगवाया और शाम तक स्थिति पर काबू पा लिया। गांव में कर्फ्यू जैसे हालात हैं। पुलिस ने अरिफ और उसके दो साथियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, आगजनी, दंगा भड़काने और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। जांच में पुरानी दुश्मनी, अपराधी तत्वों की भूमिका और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के प्रभाव की पड़ताल की जा रही है। सत्यप्रकाश(ईएमएस)02 फरवरी 2026