राज्य
02-Feb-2026
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- मुख्यमंत्री के संवेदनशील नेतृत्व में राज्य सरकार का जीवदया का संकल्प, 10 दिनों में 14,690 पक्षी सुरक्षित बचाए गए गांधीनगर (ईएमएस)| पशु-पक्षियों सहित समस्त जीवों के कल्याण के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इसी भावना के अंतर्गत उत्तरायण पर्व के दौरान पतंग की डोर से घायल पक्षियों की त्वरित चिकित्सा के लिए हर वर्ष राज्यभर में ‘करुणा अभियान’ चलाया जाता है। इस वर्ष 10 से 20 जनवरी के दौरान आयोजित करुणा अभियान-2026 के तहत पूरे राज्य में उत्तरायण पर्व के समय कुल 16,380 घायल पक्षियों को उपचार प्रदान किया गया। इनमें से 14,690 पक्षियों को सुरक्षित रूप से बचा लिया गया, यानी लगभग 90 प्रतिशत पक्षियों को जीवनदान मिला, यह जानकारी वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने दी। मंत्री मोढवाडिया ने बताया कि अहमदाबाद में सर्वाधिक 7,040 पक्षियों का उपचार किया गया, जिनमें से 6,532 को बचाया गया। इसके अलावा सूरत में 4,800 में से 4,194, वडोदरा में 722 में से 649, राजकोट में 676 में से 553 तथा गांधीनगर में 329 में से 313 पक्षियों को सुरक्षित किया गया। राज्य के सभी 33 जिलों में कुल 14,690 पक्षियों को उपचार देकर नया जीवन दिया गया। घायल पक्षियों के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष सबसे अधिक 13,636 कबूतर, 905 समड़ी (चील), 281 कौवे, 180 ढांक, 137 ब्लैक आइबिस, 134 उल्लू, 121 बगुले, 110 तोते तथा अन्य 185 पक्षी शामिल रहे। कुल मिलाकर 41 विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों को उपचार मिला। वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री प्रविण माली ने बताया कि करुणा अभियान की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई थी। पहले वर्ष 7,301 घायल पक्षियों में से 6,597 को बचाया गया था। पिछले 10 वर्षों में अब तक 1.29 लाख से अधिक घायल पक्षियों का उपचार कर 1.18 लाख से अधिक को बचाया गया है, यानी कुल 92 प्रतिशत से अधिक पक्षियों को जीवनदान मिला है, जो राज्य सरकार की जीवदया भावना को दर्शाता है। करुणा अभियान-2026 को सफल बनाने के लिए राज्यभर में लगभग 450 कलेक्शन सेंटर, 60 से अधिक कंट्रोल रूम तथा 480 से ज्यादा उपचार केंद्र शुरू किए गए थे। इनमें करीब 650 से अधिक पशु चिकित्सक और 8,000 से ज्यादा कर्मचारी एवं स्वयंसेवक सेवा में तैनात रहे। घायल पक्षियों की समय पर सहायता के लिए वन विभाग की 24x7 हेल्पलाइन नंबर 1926 और व्हाट्सएप नंबर 83200 02000 जारी किया गया था। इसके अलावा वर्षभर पशु-पक्षियों की सहायता के लिए करुणा एनिमल एंबुलेंस हेल्पलाइन नंबर 1962 पर संपर्क किया जा सकता है। सतीश/02 फरवरी