प्रोजेक्ट 10 साल में पूरा हुआ तो चेन्नई-बेंगलुरू के बीच का सफर 1:13 में होगा पूरा नई दिल्ली,(ईएमएस)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आम बजट पेश किया था। इस बजट में देश में कई हाई स्पीड रेल नेटवर्क यानी बुलेट ट्रेन नेटवर्क बनाने का ऐलान किया है। इसमें प्रोजेक्ट के जरिए विकास के तमाम मानकों पर उत्तर भारत की हिंदी पट्टी से कोसों आगे चल रहे दक्षिण भारत के मुख्य शहरों पर जोर दिया गया। इस नेटवर्क में चेन्नई, बेंगलुरू और हैदराबाद का त्रिकोण बनाया जा रहा है, इससे दक्षिण के सभी पांचों राज्यों को फायदा होगा। सरकार ने सात हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की है। ये कॉरिडोर हैं- मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरू, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरू, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी। इस सातों प्रोजेक्ट पर करीब 16 लाख करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस हाईस्पीड कॉरिडोर के बनने के बाद इन शहरों के बीच यात्रा समय में भारी कमी आएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि इन सभी कॉरिडोर पर एक साथ काम चलेगा। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि अगले पांच से 10 साल में ये प्रोजेक्ट पूरे किए जा सकते हैं। अगर ये प्रोजेक्ट अगले 10 सालों में पूरा कर लिए जाते हैं तो चेन्नई से बेंगलुरू के बीच का सफर मात्र 1:13 घंटे में पूरा होगा। यह दूरी करीब 350 किमी की है। बेंगलुरू-हैदराबाद के बीच का सफर करीब दो घंटे में पूरा होगा। यह दूरी करीब 575 किमी है। चेन्नई से हैदराबाद के बीच की दूरी 2:55 घंटे में पूरा होगी। यह दूरी करीब 630 किमी की है। इसी तरह मुंबई से पुणे की 155 किमी की दूरी करीब 48 मिनट में पूरी होगी। पुणे से हैदराबाद की 556 किमी की दूरी 1:55 घंटे में पूरी होगी। रेल मंत्री ने कहा कि अहमदाबाद-मुंबई के बन रहे हाईस्पीड रेल प्रोजेक्ट से पुणे और हैदराबाद भी जुड़ जाएंगे। कुल मिलाकर इस प्रोजेक्ट के जरिए पश्चिम और दक्षिण भारत के सभी बड़े शहर बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। जानकारी के मुताबिक बिहार-यूपी और पूर्वोत्तर भारत की ओर ये इलाके आज भी देश के सबसे पिछले इलाके हैं। यूपी में तो कुछ एक्सप्रेस-वे बने भी हैं। बिहार, बंगाल, झारखंड, ओडिशा और पूर्वोत्तर में परिवहन की स्थिति काफी बुरी है। इन राज्यों में अभी तक एक्सप्रेस-वे भी नहीं बने हैं। सरकार ने दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी के बीच हाईस्पीड कॉरिडोर की घोषणा की है, लेकिन विशाल आबादी को देखते हुए यह परियोजना बहुत छोटी है। आर्थिक दृष्टि से देखें तो बिहार-यूपी और पूर्वी भारत में कोई ऐसा उभरता शहर नहीं है जहां दक्षिण की तरह रोजगार के भरपूर अवसर हों। उत्तर भारत का पूरा दबाव दिल्ली-एनसीआर पर है। पूर्वी भारत में कोलकाता पुराना मेट्रो शहर है लेकिन वह भी आधुनिक विकास की रफ्तार में काफी पीछे छूट गया है। बॉक्स कॉरिडोर टाइम दूरी मुंबई-पुणे 48 मिनट 155 किमी पुणे-हैदराबाद 1:55 घंटा 556 किमी हैदराबाद-बेंगलुरू 1:55 घंटा 575 किमी हैदराबाद-चेन्नई 2:55 घंटे 630 किमी चेन्नई-बेंगलुरू 1:13 घंटा 350 किमी दिल्ली-वाराणसी 3:50 घंटे 865 किमी वाराणसी-सिलीगुड़ी 2:55 घंटे 720 किमी सिराज/ईएमएस 02फरवरी26 ------------------------------------